भारतीय सिनेमा के लिए इस साल की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) काफी शानदार रही है। फिल्मों की कमाई में तेजी के साथ दर्शक एक बार फिर सिनेमाघरों की ओर लौट रहे हैं। इसका फायदा मल्टीप्लेक्स कारोबार को भी मिल रहा है। PVR INOX के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली का कहना है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अब सिर्फ बड़ी बजट की फिल्मों के भरोसे कारोबार नहीं चल रहा, बल्कि अलग-अलग भाषाओं, शैलियों और बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
28 अक्टूबर 2026 को कंपनी के Q2 FY27 नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में अजय कुमार बिजली ने कंपनी के प्रदर्शन, भारतीय बॉक्स ऑफिस की स्थिति, छोटे शहरों में विस्तार, नई SMART Cinema रणनीति, टिकट और खाने-पीने की कीमतों तथा आने वाली फिल्मों को लेकर विस्तार से बात की। इस दौरान कंपनी के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विश्लेषकों के सवालों के जवाब दिए।
अजय कुमार बिजली ने बताया कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में 4,433 करोड़ रुपये का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। यह अब तक किसी एक तिमाही में हुआ सबसे ज्यादा कलेक्शन है। पहली बार इंडस्ट्री ने एक तिमाही में 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है।
उनके मुताबिक, दूसरी तिमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% बढ़ा है, जबकि पहली तिमाही में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 22% बढ़कर 7,618 करोड़ रुपये पहुंच गया।
हॉलीवुड फिल्मों ने भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बनाया रिकॉर्ड
अजय कुमार बिजली ने कहा कि इस तिमाही में अंग्रेजी फिल्मों का प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा। हॉलीवुड फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 87% बढ़कर 1,024 करोड़ रुपये हो गया। पहली बार अंग्रेजी फिल्मों ने एक तिमाही में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है।
उन्होंने बताया कि ‘Spider-Man: Brand New Day’ ने भारत में 608 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करके अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अंग्रेजी फिल्म का रिकॉर्ड बनाया। वहीं, क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘Odyssey’ ने 233 करोड़ रुपये कमाए। इस फिल्म को IMAX जैसे प्रीमियम और इमर्सिव फॉर्मेट में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
इसके अलावा ‘Avengers Endgame: Encore’ ने दोबारा रिलीज होने के बावजूद चार सप्ताह में 45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। अजय कुमार बिजली के मुताबिक, इससे पता चलता है कि भारतीय दर्शकों में बड़े पर्दे पर बेहतर सिनेमाई अनुभव लेने की मांग बनी हुई है। फ्रेंचाइजी फिल्मों के साथ-साथ बिना फ्रेंचाइजी वाली हॉलीवुड फिल्मों को भी दर्शक पसंद कर रहे हैं।
हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
हिंदी फिल्मों में ‘Hanuman Ansh’ ने 351 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। वहीं, वेब सीरीज ‘Mirzapur’ को पहली बार फीचर फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर लाया गया और इसने 267 करोड़ रुपये की कमाई की।
अजय कुमार बिजली ने इसे एक नए ट्रेंड की शुरुआत बताया। उनका कहना था कि बड़ी कहानियां जब सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं तो वे दर्शकों के लिए एक इवेंट बन जाती हैं। इसके बाद स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म उन कहानियों को और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा ‘Awarapan 2’ और ‘Dhamaal 4’ जैसी सीक्वल फिल्मों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
क्षेत्रीय सिनेमा में भी तेजी देखने को मिली। तमिल फिल्म ‘Jana Nayagan’ ने 200 करोड़ रुपये और कन्नड़ फिल्म ‘Toxic’ ने 296 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। तेलुगु फिल्म ‘Irumudi’ और मलयालम फिल्म ‘Bethlehem Kudumba Unit’ ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
अजय कुमार बिजली के मुताबिक, अब बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ अलग-अलग भाषाओं, जॉनर और बजट की फिल्मों से आ रही है। इसमें ऐसी फिल्में भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों की तारीफ और मौखिक प्रचार (वर्ड ऑफ माउथ) के जरिए सफलता मिल रही है।
PVR INOX में 4% बढ़े दर्शक, टिकट और फूड पर खर्च में 14% की बढ़ोतरी
कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो दूसरी तिमाही में PVR INOX के सिनेमाघरों में 4.63 करोड़ दर्शक पहुंचे। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4% ज्यादा है। इस दौरान ऑक्यूपेंसी बढ़कर 30.4% रही।
कंपनी का औसत टिकट मूल्य (ATP) 14% बढ़कर 298 रुपये हो गया। वहीं, प्रति दर्शक खाने-पीने की चीजों पर होने वाला औसत खर्च (SPH) भी 14% बढ़कर 153 रुपये पहुंच गया।
अजय कुमार बिजली ने बताया कि यह कंपनी के लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही रही है। इस दौरान रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) तीनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन देखने को मिला।
Ind AS 116 के असर को एडजस्ट करने के बाद कंपनी की कुल आय 17% बढ़कर 2,133 करोड़ रुपये रही। EBITDA 44% बढ़कर 475 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन में करीब 420 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई और यह 22.3% रहा। वहीं, PAT दोगुने से ज्यादा बढ़कर 273 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने लगातार छठी तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी की कुल आय 15% बढ़कर 3,775 करोड़ रुपये रही। EBITDA 56% बढ़कर 705 करोड़ रुपये और PAT 233% बढ़कर 344 करोड़ रुपये पहुंच गया।
अजय कुमार बिजली के मुताबिक, मर्जर के बाद कंपनी के कारोबार में काफी बदलाव आया है। कोविड से पहले ज्यादा ऑक्यूपेंसी के बावजूद कंपनी का EBITDA मार्जिन 17-18% के आसपास रहता था। अब दूसरी तिमाही में यह 22.3% और पहली छमाही में 18.7% रहा है।
उन्होंने कहा कि मर्जर से मिली बचत, लागत पर नियंत्रण और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल ने PVR INOX के कारोबार को पहले से मजबूत बनाया है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) वित्त वर्ष 2026 में 10.2% था, जो पिछले 12 महीनों के आधार पर बढ़कर 16.5% हो गया है। यह कोविड से पहले के करीब 13% के स्तर से भी ज्यादा है।
कर्ज चुकाने के बाद शेयरधारकों को भी लौटाए पैसे
अजय कुमार बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 604 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट किया और 259 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। कंपनी ने सितंबर में पहली बार 300 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक भी किया। यानी कंपनी ने अपने शेयरधारकों से कुछ शेयर वापस खरीदे और उन्हें अतिरिक्त पूंजी लौटाई।
इसके बावजूद सितंबर के अंत में कंपनी के पास 141 करोड़ रुपये का नेट कैश था, जबकि जून में यह 81 करोड़ रुपये था। कंपनी के नेट कैश पॉजिटिव होने के बाद बोर्ड ने नई कैपिटल एलोकेशन और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को मंजूरी दी है।
इस पॉलिसी के तहत कंपनी की तीन प्राथमिकताएं होंगी। पहली, नए सिनेमाघरों, प्रीमियम फॉर्मेट और टेक्नोलॉजी में निवेश करके कारोबार का विस्तार करना। दूसरी, किसी भी तरह के डिस्ट्रीब्यूशन के बाद नेट डेट-टू-EBITDA को 0.5 गुना के भीतर रखना। तीसरी, बची हुई अतिरिक्त नकदी में से सालाना सरप्लस कैश फ्लो का करीब 30% हिस्सा शेयरधारकों को डिविडेंड, शेयर बायबैक या दोनों तरीकों से लौटाना। इसका समय और राशि तय करने का अधिकार कंपनी के बोर्ड के पास रहेगा।
छोटे शहरों में SMART Cinema से बढ़ाएगी पहुंच
कंपनी की विस्तार योजना पर बात करते हुए बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में छह नए सिनेमाघरों में 24 स्क्रीन शुरू की गई हैं। इनमें ज्यादातर स्क्रीन एसेट-लाइट मॉडल के तहत खोली गई हैं। इस दौरान कंपनी ने 25 स्क्रीन बंद भी की हैं, जिनमें से ज्यादातर घाटे में चल रही थीं।
अब PVR INOX के नेटवर्क में भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में कुल 1,797 स्क्रीन हैं।
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में 90 से 100 नई स्क्रीन खोलने का है। इनमें से ज्यादातर स्क्रीन दूसरी छमाही में शुरू होंगी।
बिजली ने बताया कि कंपनी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में सितंबर में अपना पहला SMART Cinema शुरू किया है। यह खास तौर पर टियर-3 और टियर-4 शहरों के लिए तैयार किया गया किफायती सिनेमा मॉडल है।
इस मॉडल में सामान्य मल्टीप्लेक्स के मुकाबले निवेश 25-30% कम है। इसके अलावा, बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के सिनेमाघरों के मुकाबले इसका ऑपरेटिंग खर्च भी करीब 25% कम है।
कंपनी ने इसमें सीटों की गुणवत्ता, लेगरूम, सीट की चौड़ाई, बड़ी स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल अनुभव और खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता को स्थानीय बाजार के हिसाब से तैयार किया है।
मुजफ्फरपुर में शुरुआती दो महीनों का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीद से बेहतर रहा है। यहां औसत टिकट मूल्य करीब 190 रुपये है, जबकि कंपनी का कुल औसत टिकट मूल्य 298 रुपये है। फूड एंड बेवरेज की कीमतें भी कम रखी गई हैं। मेन्यू में ऐसी चुनिंदा चीजों पर ध्यान दिया गया है, जिन्हें दर्शक फिल्म देखने के दौरान आसानी से खा सकें।
बिजली ने बताया कि मुजफ्फरपुर के बाद कंपनी ने रामपुर और भरतपुर में दो SMART Cinemas के लिए फिट-आउट का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा करीब 100 अन्य सिनेमाघरों की पाइपलाइन भी तैयार है, जिन्हें अगले 12 से 18 महीनों में शुरू करने की योजना है।
300 शहरों की पहचान, अगले साल 150-175 स्क्रीन खोलने की तैयारी
कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल किया कि क्या कंपनी छोटे शहरों में तेजी से विस्तार करेगी या पहले की तरह सोच-समझकर निवेश जारी रखेगी। इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से विस्तार करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि SMART Cinemas के लिए करीब 300 शहरों की पहचान की गई है।
उनका कहना था कि भारत में अभी भी सिनेमा स्क्रीन की उपलब्धता काफी कम है। देश की करीब 50% स्क्रीन सिंगल स्क्रीन हैं। ऐसे में छोटे शहरों में अच्छी गुणवत्ता वाला सिनेमा अनुभव उपलब्ध कराने की काफी संभावनाएं हैं।
हालांकि, कंपनी विस्तार के दौरान हर स्क्रीन की कमाई और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न का ध्यान रखेगी। बिजली के मुताबिक, कंपनी किसी भी नई यूनिट के लिए अधिकतम तीन से चार साल का पेबैक पीरियड चाहती है।
कंपनी के चीफ बिजनेस प्लानिंग एंड स्ट्रैटेजी कमल ज्ञानचंदानी ने भी बताया कि अगले वित्त वर्ष से कंपनी हर साल 150 से 175 नई स्क्रीन खोलने की स्थिति में हो सकती है। अगले तीन साल में करीब 500 स्क्रीन जोड़ने की संभावना पर भी उन्होंने सहमति जताई।
उनके मुताबिक, कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में पुराने और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मॉल्स में मौजूद कई सिनेमाघरों को बंद किया है। अब उन पुराने सिनेमाघरों से बाहर निकलने के बाद कंपनी का नेट स्क्रीन एडिशन पहले के मुकाबले तेज हो सकता है।
हिंदी फिल्में कमजोर नहीं, पिछले साल का बेस था मजबूत
कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि जब पहली छमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 1,400 करोड़ रुपये बढ़ा है, तो हिंदी फिल्मों का इसमें योगदान अपेक्षाकृत कम क्यों दिखाई दे रहा है।
इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि आंकड़ों को देखने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। पिछले साल हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन पहले से काफी मजबूत था। इसलिए इस साल की बढ़ोतरी की तुलना पिछले साल के बड़े आधार से की जा रही है।
कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि हिंदी फिल्में कमजोर नहीं हैं। पिछले साल की दूसरी तिमाही में हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन अच्छा था, जबकि हॉलीवुड फिल्मों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इस साल हॉलीवुड फिल्मों ने शानदार वापसी की है, इसलिए हिंदी फिल्मों की अतिरिक्त ग्रोथ कम दिखाई दे रही है।
कंपनी के CFO गौरव शर्मा ने एक और अहम बात बताई। उनके मुताबिक, अंग्रेजी फिल्मों के हिंदी डब वर्जन की कमाई को इंडस्ट्री के सामान्य आंकड़ों में अंग्रेजी फिल्मों के कलेक्शन में शामिल किया जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘Spider-Man: Brand New Day’ ने करीब 600 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये हिंदी डब वर्जन से आए। अगर इस रकम को हिंदी फिल्मों के कलेक्शन में भी जोड़ा जाए तो हिंदी बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई देगी।
ज्ञानचंदानी ने ‘Hanuman Ansh’ का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म ने 351 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे फिल्म के निर्माताओं और पूरी वैल्यू चेन से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिला। ऐसी सफलता उन निर्माताओं को भी प्रोत्साहित कर सकती है, जो अच्छी कहानी होने के बावजूद फिल्म बनाने का फैसला टाल रहे हैं।
OTT प्लेटफॉर्म अब फिल्मों को सीधे रिलीज करने में कम आक्रामक
फिल्मों की सप्लाई और OTT के प्रभाव पर कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म फिल्मों को सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के लिए काफी आक्रामक थे। लेकिन अब उनका रुख बदल रहा है।
उनके मुताबिक, OTT कंपनियों को भी समझ आ रहा है कि पहले फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करना और उसके बाद दूसरे प्लेटफॉर्म पर लाना ज्यादा बेहतर बिजनेस मॉडल है।
इसका फायदा थिएटर कारोबार को मिल रहा है। निर्माता अब फिल्मों को पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने के मॉडल पर लौट रहे हैं। इससे फिल्मों की कहानी, निर्माण और मार्केटिंग पर भी ज्यादा मेहनत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब माइक्रो बजट, छोटे बजट, मिड-बजट और बड़े बजट की फिल्मों को दर्शक मिल रहे हैं। यानी फिल्म इंडस्ट्री में हर तरह की फिल्मों के लिए अवसर बन रहे हैं।
विज्ञापन से कमाई बढ़ाने के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ाने के लिए भी नई योजनाओं पर काम चल रहा है।
CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, पहली छमाही में बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की संख्या कम थी, इसलिए विज्ञापन से होने वाली कमाई पर भी इसका असर पड़ा। हालांकि, दूसरी छमाही में ‘Ramayana’, ‘King’, ‘Avengers’ और ‘Love & War’ जैसी बड़ी फिल्मों के आने से विज्ञापन कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कंपनी एक नया डिजिटल पे-पर-आईबॉल (Pay Per Eyeball) मॉडल भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसी फिल्मों से विज्ञापन की कमाई बढ़ाना है, जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन शुरुआत में उन्हें बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म के तौर पर प्रचारित नहीं किया जाता।
इसमें ‘Hanuman Ansh’, ‘Mahavatar Narsimha’ और ‘Saiyaara’ जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया गया। कंपनी चाहती है कि ऐसी फिल्मों को देखने आने वाले दर्शकों की संख्या के आधार पर भी विज्ञापनदाताओं से कमाई की जा सके।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है और इसे शुरू होने में करीब 8 से 10 महीने लग सकते हैं। इसके बाद कंपनी पारंपरिक विज्ञापन बिक्री के साथ डिजिटल माध्यम से भी विज्ञापन बेच सकेगी।
फूड एंड बेवरेज कारोबार में अभी भी ग्रोथ की गुंजाइश
PVR INOX के फूड एंड बेवरेज कारोबार पर भी कॉन्फ्रेंस कॉल में विस्तार से चर्चा हुई। CFO गौरव शर्मा ने बताया कि कंपनी के फूड एंड बेवरेज कारोबार में हुई ग्रोथ का करीब 40% हिस्सा बिक्री की मात्रा बढ़ने से आया है, जबकि करीब 60% ग्रोथ प्रति दर्शक खर्च बढ़ने से हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी कंपनी का फूड एंड बेवरेज खर्च औसत टिकट मूल्य का करीब 60% है। जबकि कुछ विकसित विदेशी बाजारों में प्रति दर्शक फूड खर्च औसत टिकट मूल्य के बराबर होता है। इसलिए इस कारोबार में आगे भी ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।
कंपनी के CEO गौतम दत्ता ने बताया कि कंपनी के कुल फूड एंड बेवरेज कारोबार में करीब 60% योगदान पॉपकॉर्न और पेप्सी का है। ये दोनों उत्पाद कंपनी के लिए अच्छे ग्रॉस मार्जिन वाले उत्पाद हैं।
कंपनी सप्लायर्स के साथ शर्तों पर दोबारा बातचीत कर रही है। इसके अलावा, सप्लाई चेन को ज्यादा व्यवस्थित करने के लिए 4PL मॉडल की ओर बढ़ रही है। ऑटोमेशन के जरिए खाने-पीने की चीजों की बर्बादी कम करने और एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे उत्पादों का समय रहते इस्तेमाल करने पर भी काम किया जा रहा है।
गौरव शर्मा ने बताया कि वीकेंड पर बड़े पॉपकॉर्न और पेप्सी के साथ फ्री रिफिल की सुविधा पिछले दो साल से दी जा रही है। इससे ग्राहक छोटे या मीडियम पैक की जगह बड़े पैक खरीदने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इसके अलावा मंगलवार और दूसरे दिनों में भी फूड प्रमोशन चलाए जाते हैं।
गौतम दत्ता के मुताबिक, कंपनी अपने सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों के डेटा का इस्तेमाल करके उन्हें उनकी पसंद के हिसाब से ऑफर देती है। कंपनी यह देखती है कि दर्शक कौन-सी फिल्म देखने आते हैं, किस तरह की सीट पसंद करते हैं और क्या खाते हैं।
उन्होंने बताया कि सिनेमाघरों में आने वाले करीब 85% लोग कुछ न कुछ खाने-पीने की चीज जरूर खरीदते हैं।
कंपनी अब सिनेमा हॉल के बाहर भी अपने फूड कारोबार को बढ़ाने पर काम कर रही है। इसमें होम डिलीवरी, Grab & Go काउंटर, आउटडोर कैटरिंग और अपने फूड ब्रांड शामिल हैं।
विज्ञापन, स्क्रीन और विस्तार पर कंपनी की दूसरी योजनाएं
कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नए सिनेमाघरों के लिए एसेट-लाइट, FOCO और लीज मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।
CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, एसेट-लाइट मॉडल में सिनेमा की पूरी आय और खर्च कंपनी के खातों में दर्ज होते हैं। जबकि फ्रेंचाइजी मॉडल में कंपनी सिर्फ मैनेजमेंट फीस को अपनी आय में शामिल करती है। फ्रेंचाइजी के संचालन से जुड़े खर्च फ्रेंचाइजी मालिक के खाते में रहते हैं।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 300 से 330 करोड़ रुपये के कैपेक्स का अनुमान दिया है। पहली छमाही में करीब 132 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अगले वित्त वर्ष में स्क्रीन की संख्या ज्यादा बढ़ने के कारण कैपेक्स 350 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि, यह वास्तविक विस्तार और परियोजनाओं की प्रगति पर निर्भर करेगा।
कंपनी ने प्रोजेक्टर और आईटी उपकरणों जैसी कुछ संपत्तियों की उपयोगी अवधि (Useful Life) का दोबारा आकलन भी किया है। इसके बाद सालाना डेप्रिसिएशन खर्च में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में भी विस्तार पर रहेगा जोर
कॉन्फ्रेंस कॉल में दक्षिण भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई।कमल ज्ञानचंदानी ने बताया कि देश की कुल करीब 10,500 सिनेमा स्क्रीन में से लगभग 45-50% स्क्रीन दक्षिण भारत के पांच राज्यों में हैं। हालांकि, कंपनी के पास इस बारे में सटीक उद्योग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
गौरव शर्मा ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में कंपनी हर साल अपनी नई स्क्रीन का करीब 35-40% हिस्सा दक्षिण भारत में खोल रही है। कंपनी इस क्षेत्र को प्राथमिकता वाले बाजार के रूप में देखती है।
ज्ञानचंदानी के मुताबिक, दक्षिण भारत में औसत टिकट मूल्य देश के बाकी हिस्सों से करीब 25% कम है। तमिलनाडु में यह सबसे कम है, जबकि केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में यह अपेक्षाकृत बेहतर है। हालांकि, दक्षिण भारत में ऑक्यूपेंसी ज्यादा होने से कम टिकट कीमत की भरपाई हो जाती है।
आने वाली फिल्मों से दूसरी छमाही में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। आने वाले महीनों में हिंदी, क्षेत्रीय और हॉलीवुड फिल्मों की अच्छी लाइनअप है।
हिंदी फिल्मों में नवंबर में ‘Ramayana: Part 1’, दिसंबर में शाहरुख खान की ‘King’ और चौथी तिमाही में ‘Love & War’ तथा ‘Golmaal 5’ रिलीज होने वाली हैं।
पैन-इंडिया फिल्मों में चिरंजीवी की ‘Kaaka’ और प्रभास की ‘Fauji’ का जिक्र किया गया। वहीं हॉलीवुड में ‘The Hunger Games: Sunrise on the Reaping’, ‘Avengers: Doomsday’, ‘Dune: Part Three’ और ‘Jumanji: Open World’ जैसी फिल्मों से उम्मीदें हैं।
कंपनी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए कम कीमत वाले ऑफर भी जारी रखेगी। इनमें वीकडे मॉर्निंग शो 99 रुपये में, शुक्रवार के पहले शो 149 रुपये में और फ्रंट रो सीट 79 रुपये से शुरू होने वाले ऑफर शामिल हैं।
अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी रिकॉर्ड कमाई, बेहतर मार्जिन, मजबूत बैलेंस शीट और आने वाली फिल्मों की अच्छी लाइनअप के साथ वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में प्रवेश कर रही है। कंपनी का फोकस सिर्फ कारोबार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कमाई की गुणवत्ता, कैश फ्लो और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने पर भी रहेगा।
इस तरह PVR INOX अब बड़े शहरों के पारंपरिक मल्टीप्लेक्स कारोबार के साथ छोटे शहरों में किफायती SMART Cinemas, फूड कारोबार और डिजिटल विज्ञापन के जरिए भी अपनी कमाई के नए रास्ते तैयार कर रही है