रॉयटर, न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क के एक जज ने बुधवार को हॉलीवुड के बदनाम फिल्म निर्माता हार्वे वेनस्टीन को मीटू के एक और मामले में गंभीर यौन अपराध के लिए 15 साल जेल की सजा सुनाई।
पिछले साल दोबारा सुनवाई में उसे 2006 में पूर्व प्रोडक्शन असिस्टेंट के यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया गया था। 74 साल के वेनस्टीन को जून 2025 में मैनहट्टन अपार्टमेंट में मरियम हेली के साथ यौन अपराध का दोषी ठहराया गया था।
यह छह साल की कानूनी लड़ाई का नतीजा था, जिसमें न्यूयार्क की सबसे बड़ी अदालत ने 2020 में उसकी सजा को पलट दिया था। वेनस्टीन ने किसी पर भी हमला करने या बिना सहमति के संबंध बनाने से इनकार किया है।
उल्लेखनीय है कि वेनस्टीन को पहली बार दोषी ठहराना मीटू आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर था, जिसने महिलाओं को शक्तिशाली पुरुषों द्वारा यौन शोषण के आरोपों के साथ आगे आने के लिए प्रेरित किया।
मशहूर अभिनेत्रियों सहित 100 से ज्यादा महिलाओं ने वेनस्टीन पर दुराचार का आरोप लगाया है। उसे पहली बार 2020 में न्यूयॉर्क में हेली पर हमला करने और अभिनेत्री बनने की चाह रखने वाली जेसिका मान के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया गया था और 23 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
वेनस्टीन के प्रवक्ता ने बुधवार को एक बयान में कहा कि फिल्म निर्माता अपनी बेगुनाही पर कायम है और जज कर्टिस फार्बर की सजा से पूरी तरह असहमत है।