आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस दौर में टूल्स की मदद से कई सारे काम अब चुटकियों में हो रहे हैं। लंबी-लंबी फाइल्स को आसान भाषा में समझना हो या फिर डॉक्टर की पर्ची और उसमें लिखी दवाओं के बारे में जानकारी लेनी हो, अपनी फोटो को क्रिएटिव तरीके से बनाना हो या फिर मजेदार वीडियो बनाना, एआई ने सबकुछ बहुत आसान और चुटकियों का काम कर दिया है। एआई टूल्स को वैसे तो बहुत काम का माना जा रहा है, पर कुछ विशेषज्ञ इसके इस्तेमाल के खतरों को लेकर भी अलर्ट कर रहे हैं।
अमर उजाला में हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हमने अलर्ट किया था कि किस तरह से मानसिक स्वास्थ्य में मदद के लिए एआई का इस्तेमाल करना समस्या को और गंभीर बनाने वाला हो सकता है, कुछ मामलों में इसे आत्महत्या के विचारों तक को बढ़ाने वाला पाया गया है। यही वजह है कि दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ एआई के संयमपूर्ण इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं।
एआई का एक और उदाहरण इन दिनों आप सोशल मीडिया पर रील्स में भी देख सकते हैं। सोशल मीडिया पर ऐसी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें कॉफी का कप नाचता नजर आता है, टॉयलेट गाता है, फल इंसानों की तरह बातें करते हैं या रोजमर्रा की चीजों को अजीब-अजीब चेहरे और आवाजें दे दी जाती हैं। देखने में ये वीडियो बेतुके लगते हैं, लेकिन लाखों लोग इन्हें कुछ सेकंड रुककर देखते हैं, हंसते हैं और आगे शेयर भी करते हैं।