.
पूर्वांचल समाज के परम पावन लोक आस्था के पर्व छठ को लेकर शहर में धार्मिक माहौल बनना शुरू हो गया है। नवयुवक सेवा सोसाइटी की ओर से आयोजित किए जा रहे 18वें विशाल छठ महापर्व को लेकर चेयरमैन राजू भम्बरी और प्रधान दीपक कनौजिया की अध्यक्षता में मुख्य बैठक संपन्न हुई। बैठक में सोसाइटी के प्रमुख सदस्यों सोनू भांबरी, बिजेंद्र शर्मा, सोनू पासवान, मंतोष दास, राहुल राम, सुमित रावत, राजकुमार, हरिश्चंद्र शर्मा, सुधीश शर्मा, प्रमोद मंडल और मुकेश मंडल की उपस्थिति में चार दिवसीय अनुष्ठान की रूपरेखा तय की गई।
प्रधान दीपक कनौजिया ने बताया, चार दिवसीय महापर्व 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को खरना का विधान होगा, जिसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का अखंड निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। 15 नवंबर को सायं 5 से 8 बजे के बीच अस्ताचलगामी (डूबते) भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इसके बाद 16 नवंबर को प्रात: 5 बजे उदीयमान (उगते) सूर्य को दूसरा अर्घ्य देने के साथ महापर्व का पारण और समापन होगा।
छठ घाट पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सोसाइटी ने अभी से पुख्ता प्रबंध शुरू कर दिए हैं। परिसर में व्यवस्था सुचारू रखने के लिए मंच संचालन समिति, सजावट एवं व्यवस्था समिति, मीडिया प्रबंधन समिति और कार्यकारी समिति का गठन किया गया है, ताकि घाट पर पूजन के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।
• 13 नवंबर: नहाय-खाय से अनुष्ठान का आरंभ • 14 नवंबर: खरना का विधान, निर्जला व्रत शुरू • 15 नवंबर: सायं 5 से 8 बजे तक डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य • 16 नवंबर: प्रात: 5 बजे उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य व समापन