जमशेदपुर: शहर में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस ने रात की गश्ती बढ़ायी है. देर रात तक चलने वाली गश्ती का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना, अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना है. इसी बीच गश्ती के दौरान आम लोगों के साथ कथित सख्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चा छेड़ दी है.
वायरल वीडियो में रात के समय पुलिसकर्मी दुकानों और सड़क किनारे मौजूद लोगों को हटाते नजर आ रहे हैं. कुछ पुलिसकर्मियों के हाथों में डंडे दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में सड़क किनारे समूह में बैठे युवकों और दुकान के पास खड़े लोगों पर लाठियां चलाये जाने का दृश्य भी दिख रहा है. बताया जा रहा है कि कार्रवाई थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गयी. हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और किस स्थान का है.
अपराध रोकना जरूरी, लेकिन कार्रवाई के तरीके पर सवाल
पुलिस की रात की गश्ती अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. शहर में हाल के दिनों में चोरी और गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का दबाव भी है. ऐसे में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और देर रात अनावश्यक भीड़ को हटाना पुलिस की कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है.
लेकिन वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कथित लाठी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं. खासकर तब, जब वीडियो में नजर आ रहे लोगों के किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की जानकारी सामने नहीं आयी है. लोगों का सवाल है कि अपराधियों की तलाश के दौरान आम नागरिकों के साथ किस हद तक सख्ती उचित है. पुलिस की गश्ती का मकसद लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना है, ऐसे में कार्रवाई का तरीका भी महत्वपूर्ण हो जाता है.
वीडियो सामने आने के बाद चर्चा यह भी है कि अपराधियों पर शिकंजा कसने की कोशिश में कहीं बेगुनाह आम लोग ही पुलिस की सख्ती के शिकार तो नहीं हो रहे हैं. वहीं, मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक स्थिति और वीडियो के संदर्भ को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.