अहमदाबाद:
अहमदाबाद स्थित निरमा यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कैंपस कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर और छात्र के बीच हुई तीखी नोकझोंक का मामला चर्चा का विषय बन गया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्र संगठन NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है. आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान एक छात्र की टिप्पणी पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ने उसे मंच पर बुलाकर फटकार लगाई. मामले को लेकर छात्र संगठन ने इसे छात्र गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए जांच और सार्वजनिक माफी की मांग की है.
कैंपस कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद भी मौजूद थे. इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एच.के. पटेल मंच से संबोधित कर रहे थे. आरोप है कि दर्शकों के बीच मौजूद एक छात्र ने फिल्म का चर्चित डायलॉग, “जल्दी बोल, सुबह पनवेल निकलना है”, कह दिया.
The escalated quickly 🫢
comedian rajat sood was performing at nirma university, ahmedabad
a prof decided to read out something during the performance, but he was reading very slowly
a student says “jaldi bol, panvel nikalna hai”
he calls him to stage grabs his collar
😨😱 pic.twitter.com/fFiW7EVTHI— Steve Smith fan (@itsSSR1221) September 24, 2026
छात्र को मंच पर बुलाने का आरोप
वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के अनुसार, टिप्पणी सुनने के बाद प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुलाया. आरोप है कि मंच पर बुलाने के बाद उन्होंने छात्र की कॉलर पकड़ ली और चेतावनी दी कि यदि परिसर में किसी शिक्षक का अपमान किया गया तो गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया.
NSUI ने जताई कड़ी आपत्ति
छात्र संगठन NSUI ने इस घटना की निंदा की है. गुजरात NSUI के उपाध्यक्ष वेदांत सिंह तोमर के नेतृत्व में संगठन ने आरोप लगाया कि यह छात्र के साथ शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का मामला है. संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि मामले की औपचारिक जांच कराई जाए और संबंधित प्रोफेसर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.
छात्र सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
NSUI का कहना है कि विश्वविद्यालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्रों की गरिमा और सुरक्षा हर हाल में बनी रहे. संगठन ने यह भी मांग की है कि प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे.
फोन पर संपर्क का भी दावा
छात्र संगठन ने दावा किया है कि जब उसके प्रतिनिधियों ने प्रोफेसर से फोन पर संपर्क कर मामले को लेकर बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने इसे विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला बताया. NSUI नेताओं का आरोप है कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया.
प्रदर्शन की चेतावनी
NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन मामले पर उचित कार्रवाई नहीं करता, तो संगठन शांतिपूर्ण तरीके से कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा. फिलहाल विश्वविद्यालय की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर छात्रों और पूर्व छात्रों के बीच भी चर्चा जारी है.
यह भी पढ़ें : AIIMS जोधपुर में छात्र की मौत पर बवाल, रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल- 4 प्रमुख मागें