कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित आंदोलन से पहले 10 अक्टूर को अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के लैंड होते ही हिरासत में ले लिया. इस बीच सोशल मीडिया पर सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और उस फ्लाइट में सवाल एक महिला यात्री के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हो रहा है. महाराष्ट्र बीजेपी ने भी इस वीडियो को शेयर किया है. क्लिप में दिख रहा है कि जब पुलिसकर्मी सौरव दास को वहां से ले जा रहे थे, तब वहां मौजूद यात्रियों ने कुछ कहा, जिससे वह गु्स्से में आ गए.
इस दौरान सौरव दास ने एक महिला यात्री को कहा, ‘तुम्हें शर्म आनी चाहिए.’ इस पर महिला ने पलटकर जवाब दिया, तुमको शर्म आनी चाहिए (Shame on You). वायरल वीडियो में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस बहस की वजह क्या थी. इसके बाद महिला ने सौरव दास से कहा, ‘तुम जो कर रहे हो वह गलत है.’ वीडियो में नजर आ रहा है कि जब पुलिसकर्मी विमान में घुसते हैं और सीजेपी के नेताओं के पास जाते हैं तो वहां मौजूद यात्री हंस रहे होते हैं.
ZERO SUPPORT BY CITIZENS OF INDIA.. Watch this and see how passengers reacted on detention of @abhijeet_dipke @SauravDassss @AshutoshRanka.. Lady passenger laughing at Ranka, says shame on you to Das and male passenger in green T Shirt says bye bye tata to Dipke😆👇 https://t.co/H0IhEDwBER
— Sunaina Holey (@SunainaHoley) October 10, 2026
सीजेपी की ओर से शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में, विमान के अंदर दाखिल हुए पुलिस अधिकारियों से दीपके यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, ‘पुलिस विमान से बाहर उतरने नहीं दे रही है. वे अन्य यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं. आप देख सकते हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है. वे हमें सीधे विमान से गिरफ्तार करने के लिए यहां आए हैं. ऐसा तो इंदिरा गांधी ने भी नहीं किया था. दिल्ली पुलिस हमें गिरफ्तार करने के लिए विमान के अंदर तक घुस आई है, यह तो सरासर तानाशाही है. हम गिरफ्तार होने के लिए ही यहां आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए.’
Crowdsourced Pest Control..!
— भाजपा महाराष्ट्र (@BJP4Maharashtra) October 10, 2026
हिरासत में लिए जाने से पहले पुलिसकर्मियों ने सीजेपी नेताओं से कहा कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. दीपके ने कहा कि सीजेपी नेताओं को ऐसे हिरासत में लिया जा रहा है, जैसे कि वे अपराधी हों. पार्टी ने एक बयान जारी कर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की निंदा की. उसने दावा किया कि यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पूर्व नियोजित कोशिश का हिस्सा है. सीजेपी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की.