जागरण संवाददाता, दरभंगा। बिहार के दरभंगा में जिस बंदी को 20 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर भागने के बाद पुलिस ने पकड़कर डीएमसीएच में भर्ती कराया, उसके हाथ में अस्पताल के अंदर मोबाइल नजर आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में बंदी मोबाइल पर बातचीत करता दिखाई दे रहा है, जबकि पास में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान स्टूल पर बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है।
मोबाइल पर बात करते दिखा बंदी
प्रसारित वीडियो में जख्मी बंदी अस्पताल में बिस्तर पर लेटा दिखाई दे रहा है। उसके हाथ में मोबाइल है और वह किसी से बातचीत करता नजर आ रहा है। पास में पुलिस के जवान भी मौजूद दिखते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा घेरे में रहने वाले बंदी तक मोबाइल कैसे पहुंचा।
जवान की भूमिका पर जांच
वीडियो प्रसारित होने के बाद यह जांच का विषय बन गया है कि अस्पताल में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवान ने बंदी को मोबाइल किसके निर्देश पर उपलब्ध कराया। बंदी को मोबाइल से बातचीत की अनुमति क्यों दी गई, इसकी भी जांच होगी। हालांकि प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रभारी सदर एसडीपीओ एसके सुमन ने बताया कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। मामला सही पाए जाने पर ड्यूटी पर तैनात जवान के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जेल से भागते समय टूटा था पैर
बताया गया कि चार दिन पूर्व बंदी मो. फरमान पुलिस को चकमा देकर दरभंगा मंडल कारा की करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया था। भागने के दौरान उसका पैर टूट गया। इसके बाद वह एक मंदिर में जाकर छिप गया था। पुलिस ने वहां से उसे पकड़ लिया और इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया।
लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी
जेल से फरार होने के मामले में लहेरियासराय थाने में बंदी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब अस्पताल में मोबाइल से बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।