दिल्ली के शाहदरा जिले के जगतपुरी इलाके में जायदाद के विवाद ने एक खुशहाल परिवार को बर्बाद कर दिया. एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर पुलिस से बचने के लिए कई शहरों में भागता रहा. आरोपी को लगता था कि उसने हत्या की ऐसी योजना बनाई है कि पुलिस कभी उस तक नहीं पहुंच पाएगी, लेकिन दिल्ली पुलिस की तकनीकी जांच सीसीटीवी फुटेज और लगातार पीछा करने के बाद आखिरकार उसे मथुरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया.
बच्चों के घर से निकलते ही वारदात को दिया अंजाम
30 जुलाई की सुबह दोनों दंपति के बीच जगतपुरी स्थित मकान को लेकर तीखी बहस होते देखी थी, जिसके बाद बेटा अपनी लाइब्रेरी और बेटी नौकरी पर चली गई थी. मगर शाम तक मां का फोन नहीं उठा तो बेटे को शक हुआ. रात करीब सवा नौ बजे वह घर पहुंचा और अपने पास मौजूद चाबी से दरवाजा खोला तो ड्राइंग रूम में मां को खून से लथपथ पड़ा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. पास ही खून से सनी कैंची भी पड़ी थी.
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पूरी कहानी सामने आ गई. फुटेज में दिखा कि बच्चों के जाने के बाद घर में केवल पति-पत्नी ही मौजूद थे. कुछ देर बाद महिला की चीख सुनाई दी और फिर आरोपी बैग में हथियार छिपाकर घर से निकलता दिखाई दिया. यही फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सबूत साबित हुई.
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पुलिस को चकमा देकर नेपाल भागने की थी तैयारी
हत्या के बाद आरोपी दिल्ली से फरार होकर पहले गोरखपुर की ओर निकला.उसका इरादा नेपाल भागने का था लेकिन पुलिस की सख्ती का पता चलने पर उसने अपना रास्ता बदल लिया और मथुरा की तरफ निकल गया ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह कर सके. लगातार तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने उसे मथुरा रेलवे स्टेशन के पास दबोच लिया.
पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 12 लाख 75 हजार रुपये नकद बरामद हुए. जांच में यह भी सामने आया कि फरार होने से पहले उसने अपने बैंक खातों से करीब सात लाख रुपये निकाल लिए थे. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी जब्त कर ली है.
हॉलीवुड फिल्म से लिया था आइडिया, जायदाद हड़पना था मकसद
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उसने बताया कि उसने पहले से हत्या की योजना बनाई थी और वारदात के लिए कैंची भी पहले ही खरीद ली थी. हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे. आरोपी ने बताया कि वह हॉलीवुड की क्राइम फिल्म द स्टेयरकेस से प्रभावित था और उसे लगा था कि हथियार गायब कर देने से वह पुलिस की पकड़ से बच जाएगा.
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पत्नी की हत्या कर परिवार की संपत्तियों पर पूरा कब्जा करना चाहता था. इसी मकसद से उसने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया.लेकिन वैज्ञानिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पुलिस की लगातार निगरानी ने उसकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया.
बेटा डॉक्टर, बेटी प्राइवेट कंपनी में करती है नौकरी
मृतका कोमल सिंह और आरोपी कमल सिंह गगन विहार के रहने वाले हैं. कमल सिंह इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर है और फ्रीलांस एसएपी सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में काम करता है.परिवार में 26 वर्षीय बेटा एमबीबीएस कर पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है.जबकि बेटी नोएडा की एक निजी कंपनी में जर्मन लैंग्वेज ट्रेनर है. अब दोनों बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया और पिता हत्या के आरोप में जेल पहुंच गया.
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