जाने-माने एक्टर और पॉलिटिशियन मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी को ‘बिग बॉस 20’ में उदिति सिंह और काजी तौकीर के साथ तीखी बहस के दौरान इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. इस विवाद के बीच, ऐसी खबरें हैं कि मनोज तिवारी आने वाले ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में नजर आ सकते हैं.
‘इंडिया फोरम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी के इस वीकेंड ‘बिग बॉस 20’ में आने की संभावना है. साथ ही, उम्मीद है कि होस्ट सलमान खान भी रीति से उस बहस के दौरान की गई उनकी टिप्पणियों के बारे में बात करेंगे.
अगर मनोज शो में आते हैं और अपनी बेटी से उसकी भाषा को लेकर सवाल-जवाब करते हैं, तो दर्शक इसकी तुलना ‘बिग बॉस 19′ से कर सकते हैं, जब सिंगर अमाल मलिक के पिता डब्बू मलिक अपने बेटे से जुड़े विवाद के बीच शो में आए थे.
यह देखना बाकी है कि क्या मनोज तिवारी सच में शो में आएंगे या नहीं, और अगर आते हैं, तो वे रीति के बर्ताव पर क्या रिएक्शन देंगे. इस अटकलबाजी ने ‘बिग बॉस’ के दर्शकों के बीच तुलना का दौर शुरू कर दिया है; कुछ लोग सोशल मीडिया पर पिछले सीजन की अमाल मलिक वाली कहानी से इसकी समानताएं बता रहे हैं.
सोशल मीडिया पर चर्चा
इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक दर्शक ने लिखा, ‘रीति, अमाल का फीमेल वर्शन है,’ जबकि दूसरे ने कमेंट किया, ‘अमाल वाला पैरेलल बन रहा है.’
मनोज तिवारी का रिएक्शन
हाल ही में मनोज तिवारी को पैपराजी ने देखा और उनसे पूछा कि क्या वे ‘बिग बॉस 20’ में अपनी बेटी रीति तिवारी को देख रहे हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए एक्टर-पॉलिटिशियन ने कहा, ‘बस भगवान उसे ठीक रखे.’ जब पैपराजी ने आगे पूछा कि क्या वे शो देखते हैं, तो मनोज ने जवाब दिया, ‘डर-डर के देखता हूं.’
रीति तिवारी को ‘बिग बॉस 20’ में कई तीखी बहसों की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. यह विवाद तब शुरू हुआ जब काजी तौकीर ने मेडिकल इमरजेंसी का नाटक करने का फैसला किया और रीति की उनसे बहस हुई; इस दौरान उनकी टिप्पणियों और आक्रामक लहजे की दर्शकों ने आलोचना की.
बाद में रीति ने अपनी एक टिप्पणी के लिए माफी मांगी, लेकिन उदिति सिंह और काजी के बीच हाल ही में हुई ‘डिस बैटल’ (एक-दूसरे की बुराई करने वाली प्रतियोगिता) के दौरान उनके खिलाफ नाराज़गी और बढ़ गई, क्योंकि इस बार भी उनकी गाली-गलौज वाली भाषा चर्चा का विषय बन गई. कई दर्शकों ने उनके व्यवहार की आलोचना की, वहीं काजी ने भी उस तरीके पर आपत्ति जताई जिससे उन्होंने उन्हें संबोधित किया था.
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