बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर गरबा की वेशभूषा में सिगरेट पीने और पिस्टल जैसी वस्तु का प्रदर्शन करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद बिलासपुर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, वीडियो में एक महिला और उसके महिला-पुरुष सहयोगियों को गरबा की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन करते हुए तथा पिस्टलनुमा वस्तु हाथ में लेकर प्रचार संबंधी वीडियो बनाते देखा गया। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रचार के लिए बनाया गया था वीडियो, शिकायत के बाद कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर एक शिकायतकर्ता ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर प्रसारित किया गया।
शिकायतकर्ता ने वीडियो में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के विपरीत अशोभनीय गतिविधियों को प्रदर्शित करने और इससे युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई थी।
BNS की धाराओं में अपराध दर्ज, 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने प्राप्त शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर अपराध क्रमांक 1390/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने इस प्रकरण में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, उन्हें अधिकतम निर्धारित राशि के बंधपत्र पर पाबंद कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।
धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों के दुरुपयोग पर पुलिस की चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार या मनोरंजन के नाम पर इस तरह नहीं किया जाना चाहिए, जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और प्रचार हासिल करने के लिए धार्मिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन करने, अशोभनीय सामग्री प्रसारित करने या हथियारनुमा वस्तुओं का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर पुलिस की निगरानी, आमजन से जिम्मेदार उपयोग की अपील
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।