ये मुजफ्फरपुर पुलिस… बाल पकड़कर जमीन पर पटकती है! वीडियो वायरल होने के बाद एक्टिव हुईं DSP वेस्ट सुचित्रा कुमारी – muzaffarpur police grab people by hair and slam them ground dsp west suchitra kumari took action after video viral
Muzaffarpur Police: बिहार की मुजफ्फरपुर पुलिस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ पुलिस वाले मिलकर कथित तौर पर एक महिला का बाल खींचते हुए उसे गिरा देते हैं। उसके बाद वहां मौजूद लोग हंगामा करने लगते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। इसकी जांच का आदेश देने की बात कही है।
मुजफ्फरपुर में पुलिस का वीडियो वायरल(फोटो– नवभारतटाइम्स.कॉम)
मुजफ्फरपुर: जिले के कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा गांव में एक महिला के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी महिला को बाल पकड़कर जबरन हिरासत में ले जाते और विरोध करने पर जमीन पर पटककर मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कांटी थाने की दारोगा निवेदिता, डायल-112 के पदाधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है।
महिला के साथ पुलिस की मारपीट
जानकारी के अनुसार, महिला ने अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था उसका पति पिछले कई महीनों से लापता है। वहीं, ससुराल पक्ष के लोग उसे साथ रखने को तैयार नहीं हैं। इसी मामले में महिला न्याय की गुहार लेकर अपने पति के दरवाजे पर पहुंची थी। इसी दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया। इसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने महिला के साथ बल प्रयोग और मारपीट को अनुचित बताते हुए मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई और निलंबन की मांग की है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने मामले में एक्शन लेने की मांग की है। पुलिस ने जांच का भरोसा दिया है।
डीएसपी वेस्ट ने लिया संज्ञान
मामले में डीएसपी वेस्ट सुचित्रा कुमारी ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कांटी थाना क्षेत्र के नरसंडा गांव के समीप डायल-112 के पुलिसकर्मियों द्वारा एक महिला के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में पुलिस पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे मेंआशुतोष कुमार पांडेयआशुतोष कुमार पांडेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। वे सितंबर- 2022 में टाइम्स ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। फिलवक्त आशुतोष NBT बिहार- झारखंड डिजिटल में डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इवनिंग शिफ्ट इंचार्ज भी हैं। क्षेत्रीय खबरों की प्लानिंग, सटीक संपादन, खबरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के अलावा फील्ड के साथियों से समन्वय स्थापित करने का काम करते हैं। आशुतोष राजनीति, क्राइम, ऑफ बीट स्टोरी, मानवीय संवेदना से जुड़ी खबरों और रेट्रो स्टोरी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 22 वर्षों के अपने पत्रकारीय करियर में 14वीं लोकसभा 2014 से लेकर 17वीं लोकसभा 2019, 13वीं बिहार विधानसभा 2005 से लेकर 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 तक को डेस्क के साथ ग्राउंड पर जाकर कवर किया। इन 22 वर्षों के कार्यकाल में आशुतोष ने कई सियासी अनसुनी कहानियों को कुरेदा। सियासी किस्सों को चुटीले अंदाज में पेश किया। डिजिटल में ‘अतीत के पन्नों से’ एक सीरीज चलाई। कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद यादव, जयप्रकाश नारायण सहित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों की अनसुनी कहानी लिखी। रेड लाइट एरिया पर विशेष रिपोर्ट का प्रकाशन।
आशुतोष ने इन 22 वर्षों में 12 वर्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग को दिए। उनकी भारत- नेपाल सीमा पर ट्रेन से होने वाली तस्करी की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग को ईटीवी ग्रुप के चेयरमैन रामोजी राव ने सराहा और प्रशस्ति पत्र से नवाजा। आशुतोष ने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के तीनो फॉर्म में काम किया है। नेटवर्क 18 में बुलेटिन प्रोड्यूसर के तौर पर कार्य करते हुए आधे- आधे घंटे के कई चर्चित कार्यक्रम बनाए। जिसमें ‘चलो चलें अमरनाथ’ आज भी लोग पसंद करते हैं। आशुतोष ने लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों का एकांतिक प्रोफाइल इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए बनाया। जिसे नेटवर्क में काफी सराहा गया। आशुतोष खबरों के पीछे की कहानी को पकड़ने में माहिर हैं। उन्होंने छोटी से छोटी खबर को उसे न्यूज वैल्यू तक पहुंचाया। वे भारतीय राजनीति के मझे हुए खिलाड़ियों की कहानियों को किताबों से खोजकर निकालने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर सहित कई नेताओं की जीवनी से अनसुनी कहानी खोजी और उसे रेट्रो स्टोरी का रूप दिया।
अनुभव-
डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय। 2001 में इंडियन एक्सप्रेस समूह के हिंदी दैनिक जनसत्ता के कोलकाता संस्करण में असाइमेंट बेस्ड फीचर राइटर से शुरुआत। बाद के दिनों में हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और आदर्शन समाचार पत्रिका में स्वतंत्र लेखन। 2003 में ईटीवी नेटवर्क में संवाददाता के तौर पर योगदान। 2009 में मौर्य टीवी में कार्य। उसके बाद हिंद्स्तान दैनिक मुजफ्फरपुर संस्करण में लोकल पेज इंचार्ज, फोकस टीवी, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नई दिल्ली और प्रभात खबर डिजिटल, नेटवर्क 18 में काम करने का सौभाग्य मिल चुका है। बांग्ला थियेटर ‘अल्काप’ के आठ प्रोडक्शन में कार्य करने का अनुभव।
अवार्ड और पुरस्कार
2005 से 2009 के बीच 12 बेस्ट स्टोरी ऑफ द डे का पुरस्कार
मौर्य टीवी पटना में ऑफ बीट स्टोरी इंचार्ज के तौर पर सम्मान
LIB बिहार चैप्टर की ओर से प्रेरणास्रोत सम्मान
2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ओर से ‘स्टोरी ऑफ द मंथ’ का पुरस्कार
साक्षात्कार-
आशुतोष ने अपने पत्रकारिता करियर में अब तक प्रमोद महाजन, अमर सिंह, जया प्रदा, राजनाथ सिंह, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, मालिनी अवस्थी, कुनिका सदानंद, रवि किशन, मनोज तिवारी मृदुल और भरत शर्मा के अलावा गीतकार गुलजार, अभिनेता पीयूष मिश्रा, सौरभ शुक्ला, सतीश कौशिक सहित वरिष्ठ पत्रकार और पेड न्यूज के खिलाफ अभियान चलाने वाले पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर प्रभाष जोशी का इंटरव्यू कर चुके हैं।… और पढ़ें