फिल्मों में बढ़ती हिंसा पर तंज कसते हुए राधिका ने कहा कि आजकल सिनेमाघरों में सिर्फ खून-खराबा ही चल रहा है, जिसके वाे सख्त खिलाफ हैं।
राधिका ने ऐसी फिल्मों को बेतुका बताते हुए कहा कि वह इस तरह के सिनेमा से दूर ही रहना पसंद करती हैं।
उनके मुताबिक, 50 लोगों की बेरहमी से हो रही पिटाई को देखकर पॉपकॉर्न खाते हुए मनोरंजन करना उनकी समझ से बाहर है और वो ऐसी किसी फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं।