जमुई । नगर संवाददाता नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर कथित अभद्र व्यवहार और छेड़खानी किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को जमुई में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। अभाविप कार्यकर्ता विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचे। हाथों में तख्तियां और नारे लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने मामले में शामिल सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। समाहरणालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ता मुख्य गेट के सामने बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि वायरल वीडियो में सामने आई घटना गंभीर है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। करीब एक घंटे तक समाहरणालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन के बावजूद किसी अधिकारी के वार्ता के लिए नहीं पहुंचने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी कचहरी चौक पहुंचे और सड़क जाम कर दिया। जाम के कारण चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 45 मिनट बाद सदर बीडीओ समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया।अधिकारियों से बातचीत और पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कार्यकर्ताओं ने जाम समाप्त कर दिया। करीब एक घंटे के बाद यातायात सामान्य हो सका। प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री सुमित सिंह, प्रांत एसएफडी सहसंयोजक अभिनय दुबे, जिला संयोजक अखिलेश सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शांतनु सिंह, अमन सिंह चंदेल, छात्र नेता संकेत कुमार, अमन परिहार, सीनेट सदस्य शैलेश भारद्वाज, गोलू कुमार, अमित कुमार, सुमित भगत, टिंकू सर, राजीव रंजन, गौतम सर, अनुज आर्यन, शिवानी कुमारी, स्वाति कुमारी, खुशबु, अमन, विक्त्रम, सीपू परिहार और विनोद यादव समेत 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल रहे।