हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत मिलने की खबर के तुरंत बाद, 1 मिनट 16 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में एक और शख्स है, जो भारद्वाज की रिहाई की बात करते हुए उसकी तुलना शिकार पर निकले शेर से करता है. इसके बाद भारद्वाज उन लोगों को धमकी देता है जिन्होंने उसकी हिरासत के दौरान उसके समर्थकों पर हमला किया था.
वो कहता है, “तुम लोग कीड़े-मकोड़े.. तुम लोग इनलोगों को क्यों टारगेट कर रहे हो, ये लोग तो अपने भाई हैं. ये लोग चाहते तो तुम्हें पेल देते वहीं पे, हमको पता है. लेकिन कुछ वजह था जिसकी वजह से ये लोग कानून को फॉलो किये हैं… तुम लोगों को मैं कुछ नहीं करूंगा..तुम लोग न मेरे लायक हो, न लेवल पे हो. तुम्हारा जो बाप है न चंद्रशेखर रावण (भीम आर्मी प्रमुख, की तुलना भारद्वाज रावण से करता है) उसको जाके ये मेसेज पहुंचा देना कि इन लोगों पर जो अटैक हुआ है उसका बदला लेने के लिए ये ब्राम्हण शेर (खुद के संदर्भ में) है. उसका नाम स्वतंत्र भारद्वाज है. खुली चुनौती के साथ कह रहे हैं, आ के टकरा लेना.”
भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत स्वतंत्र भारद्वाज पर आपराधिक आरोप लगे हैं. साथ ही उस पर पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान और हत्या के प्रयास का आरोप भी दर्ज है. 7 सितंबर को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
‘Gen-Z of India’ नाम के एक X (ट्विटर) यूज़र ने 17 सितंबर को ये वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “स्वतंत्र भारद्वाज बाहर आते ही फ़िर से शुरू हो गया है, जबकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि मीडिया में कोई बयानबाज़ी नहीं करेगा लेकिन यह तो क्या कह रहा है वह सुनिए”. इस पोस्ट को लगभग 10 लाख (1 मिलियन) बार देखा जा चुका है. (आर्काइव)
भारतीय न्याय व्यवस्था एक बार फिर से फ़ैल हो गयी है…
स्वतंत्र भारद्वाज बाहर आते ही फ़िर से शुरू हो गया है, जबकि कोर्ट ने शर्त रखी है कि मीडिया में कोई बयानबाज़ी नहीं करेगा लेकिन यह तो क्या कह रहा है वह सुनिए। pic.twitter.com/pBPNKeQtRs— Gen-Z of India (@GenZ_of_India_) September 17, 2026
इस पोस्ट को तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा, पत्रकार वीर सांघवी, कॉकरोच जनता पार्टी की रत्ना सिंह सहित और अन्य कई प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा रिशेयर किया गया, जिससे यह वायरल हो गया. इसके अलावा, फ़िल्म लेखक दाराब फारूकी और X यूजर @tanmoyofc जैसे अन्य लोगों ने भी इस वीडियो को शेयर किया.
मीडिया आउटलेट प्रभात खबर और द मूकनायक ने इस वीडियो को हाल में मिली जमानत के बाद का बताकर खबर पब्लिश की.
फैक्ट चेक
सबसे पहले, हमने पाया कि ‘इंडिया टुडे’ ने 17 सितंबर को एक वीडियो पोस्ट किया था. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारद्वाज उसी दिन (17 सितंबर) रात लगभग 9:45 बजे तिहाड़ जेल से बाहर आया. इंडिया टुडे के इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शंन में लिखा है, “हालांकि, उसे दो दिन पहले जमानत मिल गई थी, लेकिन बाकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे रात करीब 9:45 बजे रिहा किया गया. वह तुरंत एक टैक्सी की तरफ भागा और मीडिया से बात किए बिना चला गया.”
कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी खबर दी कि भारद्वाज गुरुवार, 17 सितंबर की देर रात जेल से बाहर आया और मीडियाकर्मियों से बचते हुए तेजी से एक कार में बैठकर चला गया.
ऑल्ट न्यूज ने वीडियो के एक फ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें इस वीडियो के कई लिंक्स मिले. यूट्यूब और फ़ेसबुक पर इसे 7 सितंबर को पोस्ट किया गया था. इससे ये साबित हो गया कि वायरल वीडियो 17 सितंबर को मिली अंतरिम जमानत से पहले का है.
हमारे डेटाबेस को खंगालने पर, हमने नोटिस किया कि स्वतंत्र भारद्वाज के साथ दिख रहा लड़का विभव कुमार उर्फ विभव पाण्डेय है. विभव का इंस्टाग्राम अकाउंट देखने पर हमें अभी वायरल हो चुका ये वीडियो उसके प्रोफाइल पर 22 जून को अपलोड किया गया मिला. ये वीडियो वायरल वीडियो का लंबा वर्जन है. इसमें विभव पाण्डेय भी चंद्रशेखर आज़ाद को खुली धमकी देते हुए दिख रहा है.
विभव द्वारा पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो के मुताबिक, जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) नेताओं को धमकी देने के आरोप में स्वतंत्र भारद्वाज को 22 जून को हिरासत में लिया गया था.
कुल मिलाकर, हिंदुत्ववादी कट्टरपंथी और हत्या के प्रयास के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का चंद्रशेखर आजाद को धमकी देने वाला वायरल वीडियो 17 सितंबर को अंतरिम जमानत पर रिहाई के बाद का नहीं है. इसे एक अन्य हिंदुत्ववादी विजिलेंटी द्वारा 26 जून को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था.




