HomeViralभारत में अटारी बॉर्डर के रास्ते घुसा पाकिस्तानी, बताया वीजा कैसे लगा?, अमृतसर से दिल्ली की पकड़ी ट्रेन – pakistan national arrives via attari border for going nizamuddin dargah shares first travelling moment
भारत में अटारी बॉर्डर के रास्ते घुसा पाकिस्तानी, बताया वीजा कैसे लगा?, अमृतसर से दिल्ली की पकड़ी ट्रेन – pakistan national arrives via attari border for going nizamuddin dargah shares first travelling moment
Pakistani Came India: पाकिस्तानियों के लिए भारत में आना आसान नहीं है। लेकिन एक पुराने समझौते के चलते भारत हर साल पाकिस्तानियों के लिए वीजा जारी करता है। पाकिस्तान से अटारी-वाघा बॉर्डर पार करके भारत आए फखर ने अपनी सफर के कई वीडियो शेयर किए है, जो अब वायरल भी है।
भारत आए पाकिस्तान ने बनाया व्लॉग
अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते नियमों के साथ भारत में प्रवेश करने के बाद पाकिस्तानी ने कई वीडियो बनाए, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। बताते चलें कि पाकिस्तानी शख्स अपने जत्थे के साथ भारत में धार्मिक स्थलों को घूमने आया होता है। सफर के दौरान उन्हें बस से लेकर ट्रेन तक में जर्नी करनी पड़ती है। इस दौरान उनके साथ कई और पाकिस्तानी लोग भी होते हैं।
कैसे शुरू हुआ सफर?
फखरुद्दीन बताते हैं कि वह लाहौर के हज कैंप पर खड़े होते हैं। जहां से उनका काफिल शुरू हुआ होता है। वह 178 लोगों के साथ चेकिंग के बाद वाघा अटारी बॉर्डर के लिए निकलते हैं। इमिग्रेशन और तमाम तरह की फॉर्मेलिटी पूरी करने के बाद आखिरकार उन सभी को भारत में घुसने की परमिशन मिलती है। अमृतसर पहुंचने के बाद टाइट सिक्योरिटी में पुलिस सबको रेलवे स्टेशन ले जाती है।
भारत का वीजा कैसे मिला?
पाकिस्तानी व्लॉगर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते की बात करते हुए बताता है कि ‘जिस तरह पाकिस्तान सिख यात्रियों को करतारपुर आने देता है। उसी तरह भारत भी पाकिस्तानी श्रद्धालुओं को को हजरत निजामुद्दीन तक जाने का वीजा जारी करता है।’ कूटनीतिक विवाद और आपसी संबंध खराब होने की स्थिति में यह सुविधा स्थगित भी कर दी दाती है।
कोई अकेले नहीं आ सकता!
भारत सरकार ने 1974 के द्विपक्षीय धार्मिक प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तानी जायरीनों (श्रद्धालुओं) को दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह आने के लिए वीजा जारी करती है। लेकिन इसकी कुछ शर्तें होती है। जैसे कि आने वाला व्यक्ति ग्रुप यानि जत्थे में भारत आएगा। व्यक्तिगत तौर पर कोई यहां नहीं आ सकता। भारत आने का भी सीमित कोटा होता है। यहां आने वाले यात्री पहले से ही तय रूट और तय धार्मिक स्थलों तक जा सकते हैं।
भारत क्यों देता है टाइट सिक्योरिटी?
पाकिस्तान से भारत में धार्मिक स्थलों पर घूमने वालों को भारत की ओर से टाइट सिक्योरिटी दी जाती है। ताकि वह सुरक्षित वापस लौट सकें। बताते चलें कि भारत आने के लिए मिलने वाला ये वीजा अधिकतम 15 दिनों के लिए वैध होता है। जिसके तहत यहां आने वाले पाकिस्तानी पहले से फाइनल धार्मिक स्थलों तक ही जा सकते हैं। 723वां उर्स मुबारक मनाया जाने वाला है। हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर 29 सितंबर 2026 से 3 अक्टूबर 2026 तक र उनका 723वां उर्स मुबारक मनाया जाने वाला है।
लेखक के बारे मेंPrakhar Pandeyप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।… और पढ़ें