शाहरुख खान की फिल्म स्वदेस फ्लॉप होने के बाद भी आज एक कल्ट क्लासिक फिल्म मानी जाती है। लेकिन क्या आप उन 5 कारणों के बारे में जानते हैं जिनकी वजह से ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी? आइए हम आपको बताते हैं-
शाहरुख खान के बेस्ट परफॉरमेंस की बात करें तो साल 2004 में आई स्वदेस का जिक्र जरूर किया जाता है। इस फिल्म में शाहरुख एकदम अलग किरदार में नजर आए थे। उनकी परफॉरमेंस ने ऑडियंस पर गहरी छाप छोड़ी थी। आशुतोष गोवारिकर का डायरेक्शन था जिन्होंने आमिर खान के साथ लगान बनाई थी। फिल्म एक ऐसे साइंटिस्ट मोहन भार्गव की बात करती है जो अमेरिका में अपनी आलीशान जिंदगी छोड़कर गांव में रहने वालों की लाइफ बदलने आया है। ये फिल्म आज कल्ट क्लासिक मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी। आइए जानते हैं फिल्म के फ्लॉप होने के 5 कारण क्या थे?
शाहरुख खान की रोमांटिक इमेज
शाहरुख खान अपनी रोमांटिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे हो या कुछ कुछ होता है। शाहरुख को रोमांस का किंग कहा जाता है। खास बात ये है कि जिस साल स्वदेस रिलीज हुई उससे ठीक एक महीने पहले ऑडियंस ने थिएटर में शाहरुख खान को वीर जारा में प्रीति जिंटा के साथ रोमांस करते हुए देखा था। इसी साल उनकी फिल्म मैं हूं ना रिलीज हुई थी। ऐसे में शाहरुख खान को एक दम अलग शांत मोहन भार्गव के किरदार में देखना ऑडियंस के लिए सरप्राइज था।
एंटरटेनमेंट से ज्यादा ही ज्ञान की बातें
शाहरुख खान को फिल्म स्वदेस में देखने वाली ऑडियंस, क्रिटिक्स का उस समय कहना था कि उस समय एंटरटेनमेंट का चलन था। ऐसे में शाहरुख की ये फिल्म मसाला और एंटरटेनमेंट से हटकर ज्ञान भरी फिल्म थी। उस साल ऑडियंस के पास ‘हम तुम’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘धूम’ जैसी फिल्मों के ऑप्शन थे। ऐसे में शाहरुख की ज्ञान भरी फिल्म स्वदेस पिछड़ है।
आमिर खान की फिल्म लगान से तुलना
आमिर खान की लगान का टॉपिक भी गांव और वहां रहने वालों की कहानी पर बेस्ड था। वहीं स्वदेस भी कुछ हद तक आम लोगों की बात करने वाली फिल्म थी। खास बात ये थी कि दोनों फिल्मों को आशुतोष गोवारिकर ने डायरेक्ट किया था। आमिर की फिल्म लगान का क्लाइमेक्स इतना जबरदस्त था कि पूरी फिल्म उसी एक सीन के लिए भी देखी जा सकती थी। वहीं स्वदेस का क्लाइमेक्स ऑडियंस को उतना एक्साइट नहीं कर पाया।
मसाला फिल्मों का चलन
ये वो साल था जब ऑडियंस के पास शानदार कहानी और मसालेदार फिल्मों का ऑप्शन था। हमने ऊपर भी बतया कि उस साल कई ऐसी फिल्में आई थी जो ऑडियंस को एंटरटेन कर रही थीं। ऐसे में स्वदेस नहीं चल सकी। कोई बड़ा किरदार भी नहीं था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इन्हीं सभी वजह के चलते नहीं चली।
प्रमोशन में कमी
रिपोर्ट की मानें तो इस फिल्म की मार्केटिंग वैसे नहीं की गई थी जैसी होनी चाहिए थी। ऐसी भी खबरें थीं कि शाहरुख ने ये फिल्म प्रोमोट नहीं की थी। फिल्म लोगों तक नहीं पहुंच पाई और लोग थिएटर तक। इसका नतीजा फिल्म फ्लॉप के रूप में सामने आया। फिल्म में नजर आई एक्ट्रेस गायत्री जोशी ने दोबारा फिल्मों में कभी काम नहीं किया।
नेशनल अवॉर्ड
शाहरुख खान की फिल्म स्वदेस बेशक बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी लेकिन अब इसे कल्ट क्लासिक माना जाता है। साथ ही इसे शाहरुख खान के करियर की बेस्ट परफॉरमेंस में से एक माना जाता है।इस फिल्म के गाने ‘ये तारा वो तारा’ के लिए उदित नारायण ने बेस्ट सिंगर का नेशनल अवॉर्ड जीता था। बेस्ट सिनेमेटोग्राफी के लिए महेश आने भी नेशनल अवॉर्ड जीते थे।
