मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने और वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) विवाद के बीच सोशल मीडिया पर जंतर-मंतर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ लाखों लोगों का विशाल प्रदर्शन शुरू हो चुका है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहा वीडियो पुराना है और भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
संजय राउत ने शेयर किया था वीडियो, पुलिस ने खोला सच
शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत समेत कई नेताओं और हैंडल पर X पर यह वीडियो शेयर किया गया था।
वीडियो पोस्ट करते हुए संजय राउत ने लिखा था, “ज्ञानश कुमार हटाओ के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, आज के जंतर-मंतर का नजारा… आर-पार की लड़ाई!”
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने शनिवार को इस पोस्ट को टैग करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया।
उन्होंने कहा, “भ्रामक जानकारी से सावधान! जंतर-मंतर पर आज किसी बड़े लाइव विरोध प्रदर्शन का दावा पूरी तरह झूठ और फर्जी है। यह वीडियो पुराना है और पुरानी घटना का आर्काइव फुटेज है। जानबूझकर झूठी खबरें या भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
SIR विवाद और चुनाव आयोग का रुख
यह फर्जी वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद सियासी घमासान तेज है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने SIR प्रक्रिया के निर्णयों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार अपनी लिखित असहमति जताई थी।
हालांकि, चुनाव आयोग (ECI) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए शनिवार को सफाई दी कि SIR प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से ही लिए गए थे। आयोग ने यह भी साफ किया कि किसी संवैधानिक संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
चुनाव आयोग के खिलाफ असल में भी जारी विरोध प्रदर्शन
भले ही वायरल वीडियो पुराना निकला हो, लेकिन नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का असल प्रदर्शन जारी है।
शुक्रवार को भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी।
पीडीपी (PDP) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 29 सितंबर को दोपहर 2 से 5 बजे तक जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है।
विपक्षी दलों का गठबंधन 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक कर CEC के खिलाफ नया ‘रिमूवल नोटिस’ लाने की तैयारी कर रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि अगर शनिवार तक ज्ञानाश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से मुंबई समेत देश भर में आंदोलन शुरू होगा।
