महर्षि वाल्मीकि जयंती सोमवार को शहर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। विभिन्न मंदिरों और वाल्मीकि बस्तियों में हवन-पूजन, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन हुए। कई स्थानों से शोभायात्राएं और प्रभात फेरियां निकाली गईं, जिनमें झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं।
रामलीला मैदान स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर से महर्षि वाल्मीकि अमृत ज्योति शोभायात्रा निकाली गई। राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर ने इसका शुभारंभ किया। सांसद सतीश गौतम और शहर विधायक मुक्ता राजा सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। शोभायात्रा में महर्षि वाल्मीकि, श्रीराम-लक्ष्मण और हनुमान की झांकियां शामिल थीं।
उज्जैन की भस्म आरती और एटा की मां काली के तांडव की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। शिशियापाड़ा की वाल्मीकि बस्ती से निकली पारंपरिक शोभायात्रा का उद्घाटन जिलाधिकारी अविनाश कुमार, पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन और नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश मीणा ने किया। अधिकारियों ने महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
इन जगहों पर भी हुए आयोजन
पर्यटन विभाग ने प्राचीन खेरेश्वर मंदिर परिसर में सुंदरकांड पाठ कराया। भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अचलेश्वर मंदिर और अन्य वाल्मीकि मंदिरों में भी धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
नगर निगम सफाई मजदूर संघ के तत्वावधान में सेवा भवन में हवन और विचार गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें महापौर प्रशांत सिंघल शामिल हुए। अचल ताल और सराय मियां की वाल्मीकि बस्तियों में भी कार्यक्रम हुए। कुंवर नगर में वाल्मीकि जयंती पर रामलीला का शुभारंभ हुआ।
वाल्मीकि जयंती पर निकली शोभायात्रा में शामिल डोले। संवाद