चंबा। शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर परिषद चंबा की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। शनिदेव मंदिर के बाहर अवैध रेहड़ियां हटाने की कार्रवाई का असर कुछ ही घंटों में खत्म होता नजर आया।
सुबह जिन रेहड़ियों को हटाया गया, शाम होते-होते उसी स्थान पर फिर रेहड़ी सज गई। ऐसे में अतिक्रमण के खिलाफ नगर परिषद की मुहिम की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंदिर के समीप रेहड़ी लगने से श्रद्धालुओं को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस मार्ग से रोजाना स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालु और वाहन चालक भी गुजरते हैं। सड़क के किनारे रेहड़ी लगने से रास्ता संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
मंदिर पहुंचने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद की टीम ने निरीक्षण के दौरान शनिदेव मंदिर के पास से दो अवैध रेहड़ियां हटाई थीं। इसके बावजूद दोबारा रेहड़ी लगने से कार्रवाई की निरंतरता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल रेहड़ियां हटाना पर्याप्त नहीं है बल्कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर भी सख्ती जरूरी है। यदि कार्रवाई के कुछ घंटे बाद ही स्थिति पहले जैसी हो जाए तो अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। अब सवाल यह है कि नगर परिषद सार्वजनिक स्थान को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए स्थायी व्यवस्था कब करेगी।
आज मौके पर भेजी जाएगी टीम
दोबारा रेहड़ी लगने की सूचना मिली है। सोमवार को टीम मौके पर भेजी जाएगी। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। राखी कौशल, वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद चंबा