घायल पुलिसकर्मियों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो जुलाई 2026 में नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए प्रोटेस्ट का है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। निर्वाचन आयोग पर ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) की प्रक्रिया को ठीक से लागू न करने के आरोप लगे हैं। इसके खिलाफ देशभर में विपक्षी दल प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी से जोड़कर घायल पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में यह वीडियो जुलाई 2026 का है, जब छात्र नीट पेपर लीक के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की अगुवाई में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में प्रदर्शन कर रहे थे। पुराने प्रोटेस्ट के वीडियो को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘अरुण कुमार सिंह’ ने 7 अक्टूबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर किया। यूजर ने कैप्शन में लिखा, “अपनी ड्यूटी निभाना कौन सा अपराध है.? हिंसा का जवाब कानून देगा, लोकतंत्र नहीं टूटेगा। Delhi Police अपना कर्तव्य निभा रही है और हम उनके साथ खड़े हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो ‘ramesh solanki’ नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। वीडियो को 24 जुलाई 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है।
पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो इसी जानकारी के साथ 25 जुलाई 2026 को कई अन्य फेसबुक अकाउंट्स पर शेयर किया हुआ मिला।
हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर भी मिली। इस रिपोर्ट को 22 जुलाई 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में वायरल वीडियो का एक स्क्रीनशॉट भी मौजूद है। रिपोर्ट के अनुसार, “दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर के कई राज्यों में नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। पटना में प्रोटेस्ट ने उग्र रूप ले लिया था और इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प हो गई थी, जिसकी तस्वीरें रिपोर्ट में दी गई हैं।”
‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों के परिजन भी सामने आए थे। प्रदर्शन में घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों ने बताया था कि किस तरह वे भीड़ का निशाना बने थे। एक घायल पुलिसकर्मी की बेटी ने बताया कि प्रदर्शन वाले दिन जब उसके पिता रात को घर आए तो वह खून से लथपथ थे और उन्हें चार टांके लगे थे। अगर हेलमेट नहीं होता तो उनकी जान चली जाती।”
अधिक जानकारी के लिए हमने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन को कवर करने वाले ‘दैनिक जागरण’ के रिपोर्टर नेमिश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो पुराना है और किसी हालिया प्रदर्शन का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) समेत कई मुद्दों पर प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेदों और कार्यशैली में गड़बड़ी का दावा किया था। इसके बाद से ही देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी सहित विपक्षी दलों के कई नेताओं ने दिल्ली स्थित आकाशवाणी भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ धरना दिया था। वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। फिर पुलिस ने सभी नेताओं को वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया था। हालांकि, रात करीब 10 बजे सभी को रिहा कर दिया गया था। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
नीट-एग्जाम के पेपर लीक होने के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन सीजेपी के बैनर तले 20 जून 2026 से शुरू होकर 25 जुलाई 2026 तक चला था। छात्र पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनके इस्तीफा देने के बाद यह प्रदर्शन खत्म हो गया था। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ एक्स पर शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब एक लाख साठ हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर मई 2020 से एक्स पर सक्रिय है। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि घायल पुलिसकर्मियों के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो जुलाई 2026 में नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में हुए प्रोटेस्ट का है।
- Claim Review : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में घायल हुए पुलिसकर्मियों का वीडियो।
- Claimed By : X User-अरुण कुमार सिंह
- Fact Check : झूठ
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