संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव के साथ जिले में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सोमवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1900 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे।
अस्पताल के फिजिशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने मरीजों को सतर्क करते हुए कहा है कि हर बुखार में एंटीबायोटिक दवाएं लेना अनावश्यक और सेहत के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार तीन से पांच दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है।
इसमें केवल डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल लें, भरपूर आराम करें और पानी या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। यदि बुखार 3-4 दिन से ज्यादा रहे, तब चिकित्सक से जांच कराएं। टाइफाइड या गले में बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि होने पर ही एंटीबायोटिक दी जाती है।
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बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने के नुकसान
– वायरस पर बेअसर : वायरल फीवर वायरस से होता है, जबकि एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरिया को मारती हैं। इनसे वायरल ठीक नहीं होता।
– एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस : बेवजह एंटीबायोटिक खाने से बैक्टीरिया
गंभीर दुष्प्रभाव : मनमर्जी से दवा लेने से पेट खराब, दस्त, उल्टी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।