बीते रविवार को मकरोनिया थाना क्षेत्र में होटल पैराडाइज के सामने दिनदहाड़े हुए बहुचर्चित अंकित पटेल हत्याकांड में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे किए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी जय द्विवेदी, उसकी बहन (मृतक की पत्नी) और उसके सहयोगी राजुल सेन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद सह-आरोपी राजुल सेन पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की तकनीकी टीमों और सर्विलांस सेल ने घेराबंदी करते हुए राजुल को बंडा स्थित एक रिश्तेदार के यहां से धरदबोचा।
हत्या के तुरंत बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जय द्विवेदी, उसके दोस्त अनीष गौतम और राजुल सेन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए सोमवार को मुख्य आरोपी जय की बहन को भी इस साजिश में बराबर का साझीदार मानते हुए आरोपी बना लिया। इस प्रकार इस ब्लाइंड मर्डर केस में अब तक तीन मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जबकि एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
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ये थी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ और सीएसपी ललित कश्यप द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस खूनी संघर्ष के पीछे पारिवारिक रंजिश और ब्लैकमेलिंग का बड़ा खेल सामने आया है। मृतक अंकित पटेल ने आरोपी जय द्विवेदी की बहन के साथ शादी की थी, लेकिन आपसी मनमुटाव के चलते दोनों अलग रह रहे थे। आरोप है कि अंकित अपनी पत्नी को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। हद तो तब हो गई जब मृतक ने आरोपी के एक अन्य दोस्त के मोबाइल पर उसकी कुछ निजी और अश्लील तस्वीरें भेज दीं। वह इन फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। इसी अपमान और गुस्से से तंग आकर भाई-बहन ने अंकित को रास्ते से हटाने की खौफनाक प्लानिंग कर डाली।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनमें मृतक और आरोपी पक्ष के बीच हुई व्हाट्सएप चैट और बातचीत के कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। चैट में कोर्ट केस के निपटारे के बाद अंकित को ठिकाने लगाने की साजिश की पुष्टि हुई है।