हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिका अनुराधा पौडवाल आज अपनी सुरीली आवाज और भक्ति गीतों के लिए घर-घर में जानी जाती हैं। हालांकि, उनके करियर की शुरुआत एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर हुई थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि अनुराधा पौडवाल ने बॉलीवुड में अपना पहला गाना जया बच्चन पर फिल्माए गए एक श्लोक के जरिए दिया था। इस मौके ने न केवल उन्हें पहचान दिलाई, बल्कि संगीत जगत में उनके सफर की नींव भी रखी।
यह वाकया साल 1973 का है, जब फिल्म ‘अभिमान’ का निर्माण हो रहा था। उस समय अनुराधा के पति और संगीतकार अरुण पौडवाल दिग्गज संगीत निर्देशक एसडी बर्मन के सहायक के रूप में काम कर रहे थे। फिल्म में एक विशेष श्लोक था, जिसे जया बच्चन पर फिल्माया जाना था। शुरुआती योजना के अनुसार, इस श्लोक को स्वर देने की जिम्मेदारी लता मंगेशकर को दी गई थी। अनुराधा पौडवाल को केवल डमी रिकॉर्डिंग के लिए बुलाया गया था ताकि मुख्य गायिका के आने से पहले रिहर्सल पूरी की जा सके।
एसडी बर्मन ने लिया था बड़ा फैसला
गणेश अनंतरमन की पुस्तक ‘बॉलीवुड मेलोडीज’ में इस घटना का विस्तार से जिक्र किया गया है। जब एसडी बर्मन ने अनुराधा पौडवाल की आवाज में उस श्लोक को सुना, तो वे उनकी गायकी से बेहद प्रभावित हुए। उन्हें अनुराधा की आवाज उस श्लोक के लिए इतनी सटीक लगी कि उन्होंने तुरंत लता मंगेशकर को रिप्लेस करने का निर्णय लिया। इस तरह, बिना किसी पूर्व योजना के, अनुराधा पौडवाल को फिल्म में अपनी आवाज देने का पहला बड़ा मौका मिल गया।
इस पहले अवसर के बाद अनुराधा पौडवाल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपने करियर में 550 से अधिक फिल्मों के लिए लगभग 9 हजार गाने रिकॉर्ड किए। 90 के दशक में उन्होंने ‘आशिकी’, ‘दिल है कि मानता नहीं’ और ‘बेटा’ जैसी फिल्मों में एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने गाए। ‘नजर के सामने’, ‘धक धक करने लगा’ और ‘बहुत प्यार करते हैं’ जैसे उनके गीतों ने उन्हें बॉलीवुड की शीर्ष गायिकाओं की सूची में शामिल कर दिया।
बॉलीवुड के अलावा, अनुराधा पौडवाल ने भक्ति संगीत और भजनों की दुनिया में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्हें अक्सर ‘भजन क्वीन’ के नाम से संबोधित किया जाता है। आज भी उनकी आवाज का जादू श्रोताओं के दिलों पर छाया हुआ है और उन्हें भारतीय संगीत उद्योग की सबसे प्रभावशाली गायिकाओं में से एक माना जाता है।
