उस शख्स ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘जब तक वह जीवित थीं तो अभिजीत ने उनकी कोई परवाह नहीं की और ना ही अपने कजिन की कोई मदद की, लेकिन जब वह गुजर गईं तो वह इस पर राजनीति करने में लग गया है।’
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी का हाल ही में निधन हो गया था। जिसके बाद कई सोशल मीडिया हैंडल ने यह दावा किया कि असल में जिस महिला की मौत हुई, वह अभिजीत की दादी ना होकर उनके एक कजिन विहान की दादी थीं, और अभिजीत तो केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर वायरल हुई पोस्ट में अभिजीत दीपके और विहान दीपके द्वारा शेयर की गई महिलाओं की फोटो की तुलना भी की गई थी और बताया गया था कि ये दोनों महिलाएं अलग-अलग थीं, और इनमें से अभिजीत की दादी की मौत तो काफी पहले हो गई थी, और वह तो अब केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
‘अरे गधों, वो मेरा कजिन नहीं, भतीजा है’
इस वायरल दावे को लेकर अभिजीत दीपके ने अब अपना एक वीडियो शेयर करते हुए इस पूरे मुद्दे पर सफाई दी है और ट्रोलर्स की जमकर क्लास लगाई है। अपने वीडियो में अभिजीत ने कहा, ‘बताया जा रहा है कि विहान मेरा कजिन है और विहान की दादी की डेथ (मौत) हुई थी, मेरी दादी की डेथ नहीं हुई थी।’ इस दावे पर जवाब देते हुए अभिजीत ने कहा, ‘अरे गधों, विहान मेरा कजिन नहीं, मेरा भतीजा है। मेरे रिश्ते भी अब तुम ही मुझे बताओगे। मेरी दादी की मौत हुई है और वह विहान की परदादी (उसके पिता की दादी) थीं।’
‘2 रुपए के लिए कबतक फर्जी खबरें चलाओगे’
ट्रोल करने वालों को अंधभक्त बताते हुए दीपके ने आगे कहा, ‘तुम लोगों का दिमाग अंधभक्ति में अब इस स्तर पर आ चुका है, कि तुम अब दूसरों के रिश्तों के बारे में भी उन्हीं को बताने लगे हो कि कौन, किससे, कैसे रिलेटेड है और कौन किसकी दादी है और कौन किसकी दादी नहीं है। थोड़ा चिल करो यार, जिंदगी में थोड़ा अच्छा काम कर लो। कब तक ये 2 रुपए के लिए ऐसी फर्जी खबरें चलाओगे।’
‘अभिजीत की दादी का निधन तो बहुत पहले हो गया था’
इससे पहले AKTK नाम के एक अन्य यूजर ने दो बुजुर्ग महिलाओं की तस्वीर शेयर करते हुए अभिजीत दीपके पर अपनी दादी की मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। इस यूजर ने अपनी पोस्ट में लिखा था, ‘अभिजीत दीपके की दादी का निधन बहुत पहले हो गया था, और 10 तारीख को जिनका निधन हुआ, वह विहान दीपके की दादी थीं। विहान, अभिजीत का चचेरा भाई है।’
‘जिनका असल में निधन हुआ था, वह कोई और थीं’
इसी यूजर ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा था, ‘अभिजीत ने अपनी दादी की तस्वीर शेयर की और उनसे माफी मांगी, जबकि विहान की दादी, जिनका असल में निधन हुआ था, कोई और थीं। अपनी मौत से ठीक एक दिन पहले विहान की दादी अस्पताल में भर्ती हुई थीं, जहां उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी (वीडियो साथ में है)।’ आगे उस शख्स ने लिखा, ‘जब तक वह जीवित थीं तो अभिजीत ने उनकी कोई परवाह नहीं की और ना ही अपने कजिन की कोई मदद की, लेकिन जब वह गुजर गईं तो वह इस पर राजनीति करने में लग गया है।’
AKTK के नाम के इस शख्स को जवाब देते हुए अभिजीत दीपके ने लिखा, ‘विहान मेरा चचेरा भाई नहीं, बल्कि भतीजा है, लेकिन मुझे दुनिया को यह बताने के लिए आपके मटर जितने आकार वाले दिमाग के अत्यंत आत्मविश्वास की प्रशंसा करनी चाहिए कि मेरा अपने परिवार से कैसा रिश्ता है।’
‘हो सकता है आपके दादाजी की दो पत्नियां रही हों’
इससे पहले एक अन्य यूजर ने दो अलग-अलग उम्र वाली महिलाओं की तस्वीरों को शेयर करते हुए और उनकी तुलना करते हुए लिखा था.. ‘ये दोनों महिलाएं बिल्कुल अलग-अलग दिखती हैं। हो सकता है कि आपके दादाजी की दो पत्नियां रही हों और दोनों की मौत एक ही दिन हुई हो। या तो ऐसा है, या फिर आप बस झूठ बोल रहे हैं।’
इसके बाद इसी यूजर को जवाब देते हुए अभिजीत ने उसकी गलतफहमी को दूर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘ये दोनों तस्वीरें 10 साल के अंतर पर ली गई थीं। मेरे दादाजी अपना पूरा जीवन उसी एक महिला के साथ खुशी-खुशी गुजारा और उन्होंने कभी भी उनका साथ नहीं छोड़ा।’
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने की घोषणा की थी, इसी बीच उसी दिन अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर आ गई।’