जागरण संवाददाता, आगरा। आबकारी विभाग के अधिकारियों की लचर कार्यशैली के चलते शुक्रवार को शास्त्रीपुरम सहित कई क्षेत्रों में शराब की बिक्री हुई। ड्राई डे पर शराब बिकने और खुले आम शराब पीने के कई वीडियो और फोटो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए लेकिन विभागीय अधिकारियों ने एक भी कार्रवाई नहीं की। अधिकारी सोते रहे और शराब की बिक्री रात तक होती रही।
दो अक्टूबर को गांधी जयंती के चलते जिले की शराब की सभी दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए थे। शाम चार बजे तक सभी दुकानें बंद रहीं लेकिन फिर शटर उठाकर या फिर पास की दुकान से शराब की बिक्री शुरू हो गई। सबसे अधिक शराब की बिक्री शास्त्रीपुरम, पश्चिमपुरी रोड सहित अन्य क्षेत्रों में हुई। यहां तक शराब लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
बिना किसी डर के लोग शराब पीकर कर पास ही पीते रहे। दुकानों के कर्मचारियों ने 15 से 20 रुपये प्रति बोतल और केन अतिरिक्त लिया। ड्राई डे पर शराब बिकने के कई वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुए। इससे आबकारी विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। अधिकारियों ने शराब की दुकानों की जांच नहीं की और न ही अभियान चलाया गया।
जिला आबकारी अधिकारी केपी यादव ने बताया कि कई क्षेत्रों में शराब की बिक्री होने के वीडियो मिले हैं। इन सभी वीडियो की जांच कराई जा रही है। दुकानों को चिन्हित किया जा रहा है।