हाल ही में अमर उजाला से खास बातचीत में अभिनेता विद्युत जामवाल ने आने वाली फिल्म के किरदार, हॉलीवुड में काम करने के अनुभव, अनुशासन, एआई और अपने अब तक के सफर पर खुलकर बात की।
सवाल: ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम का किरदार ऑफर हुआ तो पहला विचार क्या था?
जवाब: मैं धालसिम के कैरेक्टर के बारे में जानता तो था ही। जब मुझे पता लगा कि ‘स्ट्रीट फाइटर’ की कास्टिंग हो रही है और इस सिलसिले में मुझे फोन किया गया, तो मुझे लग तो रहा था कि यही किरदार होगा। मैं काफी एक्साइटेड था।
यह जापानी वीडियो गेम पर आधारित है। धालसिम योगा मास्टर हैं और अपनी योगा की शक्तियों का इस्तेमाल लड़ने के लिए करते हैं। डायरेक्टर ने बताया कि मुझे अपने बाल शेव करने पड़ेंगे। वैसे कैरेक्टर के लिए इसकी जरूरत नहीं पड़ी थी, उन्होंने मास्क भी पहनाया था।
सवाल: हमारे यहां योगी की एक अलग छवि है। धालसिम उससे बिल्कुल अलग है। इसे निभाते समय कोई कॉन्फ्लिक्ट था?
जवाब: कोई कॉन्फ्लिक्ट नहीं था। जिनके बारे में आप बात कर रहे हैं, वो सिर्फ फिलॉसफी की बातें करते हैं। अगर मैं आपको उदाहरण दूं, तो यह कैरेक्टर बोधिधर्मा की तरह है, जो हिंदुस्तान से चीन गए थे और जिन्होंने चीन में जेन फिलॉसफी शुरू की थी। बोधिधर्मा एक वारियर थे। उन्होंने लड़ना सिखाया है।
ऐसा नहीं है कि योगियों के बारे में हम सिर्फ यही सोचें कि वो बर्फ में घुसते हैं या आग के अंदर तपस्या करते हैं। इस तरह के वारियर भी होते हैं। मैं इसलिए एक्साइटेड था, क्योंकि यही मैंने अपनी जिंदगी में किया है। मैंने कलरीपयट्टू की ट्रेनिंग ली है और मैं लोगों को सिखाता हूं। ये कैरेक्टर प्ले करना मेरे लिए खुशकिस्मती की बात थी।
सवाल: हॉलीवुड में काम करने के अनुभव में सबसे अलग क्या लगा?
जवाब: अधिकतर चीजें अलग ही हैं। वहां डिसिप्लिन के जो मायने हैं, वो बिल्कुल अलग हैं। वहां टाइम पर आना कोई बड़ी बात नहीं है। वहां टाइम पर ही आना होता है।