ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और हिंदू धर्मगुरु जगद्गुरु स्वामी सतीशाचार्य महाराज से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए गए. इस मामले को लेकर एबीपी न्यूज के खास इंटरव्यू में स्वामी सतीशाचार्य महाराज से सवाल पूछा गया कि आखिर वीडियो में क्या हुआ था और यह मामला इतना चर्चा में क्यों आया.
इंटरव्यू के दौरान जब वायरल वीडियो के बारे में सवाल किया गया तो स्वामी सतीशाचार्य महाराज ने कहा कि वीडियो को लेकर जिस तरह की चर्चा हो रही है, असल मुद्दा उससे अलग है. उन्होंने कहा कि हमें जेन-जी के बारे में बात करनी चाहिए. हालांकि, फैक्ट चेक के मुताबिक, पेजेश्कियान जब नीचे झुककर पेन उठाने की कोशिश कर रहे थे, उसी दौरान उन्होंने उन्हें पकड़ लिया था.
ईरान के राष्ट्रपति ने छुए थे जगद्गुरु सतीशाचार्य के पैर? खुद बताया वायरल वीडियो का सच!
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— ABP News (@ABPNews) October 3, 2026
स्वामी सतीशाचार्य महारा का सवाल
सोशल मीडिया पर इस घटना को अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया गया. खास तौर पर राष्ट्रपति के पैर छूने से जुड़े दावे को लेकर भी काफी चर्चा हुई. इस पर स्वामी सतीशाचार्य महाराज ने सवाल उठाया कि चर्चा उन मुद्दों पर होनी चाहिए जो देश और समाज के लिए ज्यादा जरूरी हैं.
भारत और ईरान के रिश्तों पर भी की बात
स्वामी सतीशाचार्य महाराज ने कहा कि भारत में गुरु परंपरा पुरानी है और देश सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने की बात करता है. उन्होंने कहा कि भारत में अलग-अलग धर्मों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ईरान में सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह वहां नहीं जा सके. उनके मुताबिक, भारत और ईरान के बीच पुराने संबंध हैं और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव भी रहा है.
सनातन धर्म को लेकर क्या बोले धर्मगुरु
सनातन धर्म को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वामी सतीशाचार्य महाराज ने कहा कि पहले यह समझना जरूरी है कि सनातन का अर्थ क्या है. उन्होंने कहा कि सनातन में सभी धर्मों और लोगों के सम्मान की भावना है. उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा में हिंदू, यहूदी, ईसाई और इस्लाम समेत अलग-अलग धर्मों के प्रति सम्मान की बात की जाती है. उन्होंने सनातन को सद्भाव और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने वाली परंपरा के रूप में बताया.