सीखने की कोई उम्र नहीं होती। अगर मन में कुछ करने की ठान ली जाए तो उम्र भी रास्ता नहीं रोक सकती। जम्मू की 72 वर्षीय विद्या कौर इसकी मिसाल हैं। जिस उम्र में कई लोग गाड़ी चलाने से भी कतराते हैं, उस उम्र में विद्या आराम से कार और ट्रक चलाती हैं। उनका ड्राइविंग करने का अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है। यही वजह है कि उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। विद्या की कहानी उन लोगों के लिए भी खास है, जो उम्र बढ़ने के साथ अपने शौक पूरे करने का ख्याल छोड़ देते हैं। उन्होंने न सिर्फ अपना पुराना सपना पूरा किया, बल्कि अपने हुनर से लोगों को हैरान भी कर दिया है।
शादी के बाद घर और नौकरी में बीता समय
विद्या कौर की शादी महज 19 साल की उम्र में हो गई थी। इसके बाद उनकी जिंदगी घर-परिवार की जिम्मेदारियों और नौकरी में बीतने लगी। वह टीचर रहीं और आगे चलकर प्रिंसिपल भी बनीं। हालांकि, उनके मन में गाड़ी चलाना सीखने की इच्छा हमेशा बनी रही। आखिरकार करीब 40 साल बाद उन्होंने अपने इस शौक को पूरा करने का फैसला किया।
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ड्राइविंग स्कूल ने किया मना, फिर भी नहीं मानी हार
59 साल की उम्र में विद्या ड्राइविंग सीखने के लिए स्कूल पहुंचीं। लेकिन वहां उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्हें कहा गया कि इस उम्र में शहर की व्यस्त सड़कों पर गाड़ी चलाना उनके लिए मुश्किल होगा। हालांकि, विद्या ने इस बात को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। कुछ दिन बाद उन्होंने कार खरीद ली। फिर अपने पड़ोसी से गाड़ी चलाना सिखाने की बात की। पड़ोसी इसके लिए तैयार हो गए और विद्या ने प्रैक्टिस शुरू कर दी। बताया जाता है कि करीब एक महीने की लगातार मेहनत के बाद उन्होंने कार चलाना सीख लिया।
कार से ट्रक तक चलाने में माहिर हैं विद्या
विद्या रोज गियर, ब्रेक, क्लच और स्टीयरिंग की प्रैक्टिस करती थीं। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया। आज वह जम्मू की सड़कों पर कार के साथ ट्रक भी चलाती हैं। इतना ही नहीं, वह पैरलल पार्किंग भी आसानी से कर लेती हैं। उनके वायरल वीडियो में लोग उन्हें गाड़ी चलाते हुए देखते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं। गाड़ी चलाते समय पल्लू ठीक करने का उनका अंदाज भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
सोशल मीडिया पर मिल रहा खूब प्यार
विद्या कौर के वीडियो देखने वाले लोग उनकी हिम्मत और आत्मविश्वास की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने उन्हें ‘बैडी दादी’ कहा, तो दूसरे ने ‘गो गर्ल’ कहकर उनका हौसला बढ़ाया। विद्या की कहानी बताती है कि कोई काम सीखने के लिए सिर्फ सही समय का इंतजार करना जरूरी नहीं है। कई बार खुद पर भरोसा करके शुरुआत करना ही सबसे बड़ा कदम होता है।