कानूनगो का नोट ऐंठते वीडियो वायरल, डीएम ने किया ऑन-द-स्पॉट सस्पेंड, बिना इजाजत गायब हुए तो खैर नहीं – subedar singh survey kanungo peshkar obra tehsil viral video allegedly bribe dm suspended
कथित तौर पर पैसा लेने का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील ओबरा में तैनात सर्वे कानूनगो एवं प्रभारी पेशकार सूबेदार सिंह को जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सोनभद्र में पैसा लेने का वीडियो वायरल, सर्वे कानूनगो सस्पेंड
ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, सोनभद्र: सरकारी काम के बदले कथित तौर पर पैसा लेने का वीडियो वायरल होने के बाद तहसील ओबरा में तैनात सर्वे कानूनगो एवं प्रभारी पेशकार सूबेदार सिंह पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी एवं अभिलेख अधिकारी चर्चित गौड़ ने प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सूबेदार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी विस्तृत जांच अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी गई है। बताया गया कि सूबेदार सिंह का एक व्यक्ति से पैसा लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो वायरल होते ही मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा। सरकारी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी के खिलाफ सामने आए इस मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच कराई।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रकरण की पड़ताल करेंगे
जांच में प्रथम दृष्टया दोष सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। निलंबन के साथ ही सूबेदार सिंह को तहसील घोरावल से संबद्ध किया गया है। उन्हें संबद्ध कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अनुपस्थित रहने पर भी रोक लगाई गई है।
अब जांच की अगली कड़ी में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल करेंगे। वायरल वीडियो की परिस्थितियों, लगाए गए आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बचने के लिए तब तक अधिकारी को कार्यालय से अटैच किया गया है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार, अनियमितता और अनुशासनहीनता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई से साफ है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
लेखक के बारे मेंपवन नौटियालपवन नौटियाल नवभारत टाइम्स में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सेक्शन के लिए बतौर कंसलटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का व्यापक पत्रकारीय अनुभव है। मूल रूप से उत्तराखंड (उत्तरकाशी) के रहने वाले पवन को दोनों राज्यों की राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, क्राइम और यूटिलिटी खबरों की गहरी समझ है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2012 में देहरादून से एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ की, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। उन्होंने 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा की भी क्रेडिबल ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। इसके बाद, उन्होंने ‘दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट’ में 5 वर्षों तक डेस्क और फील्ड की दोहरी जिम्मेदारी संभाली। डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए उन्होंने वनइंडिया-डेलीहंट के साथ करीब 5 साल काम किया, जहां उन्होंने उत्तरकाशी के ऐतिहासिक सिलक्यारा टनल हादसे और धराली आपदा जैसी बड़ी घटनाओं को मौके पर जाकर कवर किया। दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले पवन विज्ञान के छात्र रहे हैं, जिससे उनकी खबरों में तार्किक और डेटा-आधारित सटीकता दिखती है।मुख्य विशेषज्ञता (Areas of Expertise)क्षेत्रीय कवरेज: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, समसामयिक मुद्दे और सामाजिक सरोकार।बीट्स: पॉलिटिकल एनालिसिस, क्राइम, हेल्थ, यूटिलिटी न्यूज और ग्राउंड डिजास्टर रिपोर्टिंग।अनुभव: 14+ वर्ष (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)।पेशेवर यात्रा (Professional Experience)करियर की शुरुआत (2012): देहरादून में न्यूज चैनल से शुरुआत; उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और केदारनाथ आपदा (2013) की लाइव कवरेज। ‘लोकस्वामी’ मैगजीन के लिए अहम कवर स्टोरीज।प्रिंट मीडिया (5 वर्ष): ‘दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट’ में बतौर सीनियर सब-एडिटर/रिपोर्टर डेस्क और फील्ड रिपोर्टर के तौर पर काम।डिजिटल मीडिया (5 वर्ष): ‘वनइंडिया-डेलीहंट’ में यूपी-उत्तराखंड के चुनाव और बड़ी घटनाओं की कमान। उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल रेस्क्यू और धराली आपदा की ग्राउंड रिपोर्टिंग।शिक्षा और क्रेडेंशियल (Education & Credentials)पोस्ट ग्रेजुएशन: मास कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)।ग्रेजुएशन: साइंस स्ट्रीम (जो उनकी खबरों को एक विश्लेषणात्मक और सटीक दृष्टिकोण देता है)।स्थानीय जुड़ाव: मूल निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड), जिससे उन्हें पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों की स्वाभाविक और प्रामाणिक समझ है।… और पढ़ें