एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की पीसीएस अधिकारी सविता प्रधान की एक कविता इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस कविता के माध्यम से उन्होंने कहा है कि वह ऐसे किसी संबंध को निभाना नहीं चाहती हैं, जिसमें केवल महिलाओं को ही त्याग और अपमान का समझौता करना पड़े।
मध्य प्रदेश की पीसीएस अधिकारी सविता प्रधान एमपी के सिंगरौली नगर निगम में नियुक्त हैं। पिछले ही कुछ दिनों पहले एक कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए सविता प्रधान ने अपने सिर के बाल मुंडवा लिए थे, जिसके बाद वह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। सविता प्रधान ने न केवल अपने व्यक्तिगत व्यवहार से लोगों के बीच लोकप्रियता बनाई है, बल्कि जीवन में तमाम संघर्षों के बावजूद भी सफलता हासिल करके वह देश की लाखों महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं।
कौन हैं सविता प्रधान
एमपी के सिंगरौली नगर निगम में नियुक्त सविता प्रधान का जन्म एक आदिवासी परिवार में हुआ था। सविता प्रधान के पिता बीड़ी के पत्ते तोड़कर और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। बता दें, सविता प्रधान अपने गांव में कक्षा 10वीं पास करने वाली पहली महिला भी है।
संघर्षों में बीता जीवन
सविता प्रधान का जीवन बेहद ही संघर्षों में बीता है। महज 16 साल की उम्र में उनकी शादी उनसे 11 साल बड़े युवक से करवा दी गई थी। शादी के बाद उन्हें घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। इन्हीं सब के बीच उन्होंने अपने दोनों बेटों का पालन-पोषण करने के लिए ब्यूटी पार्लर में काम किया और साथ ही साथ MPPSC की तैयारी भी जारी रखीं। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में एमपी पीसीएस की परीक्षा पास की और साल 2005 में वह एमपी में डीएसपी चुनीं गई। इसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और साल 2006 में 83वीं रैंक हासिल कर मध्य प्रदेश में पीसीएस अधिकारी बन गई।
इंस्टाग्राम में साझा की कविता
एमपी पीसीएस अधिकारी सविता प्रधान ने अपनी नई इंस्टाग्राम पोस्ट में दो तस्वीरों के साथ एक कविता साझा की है। इस कविता को अब तक 1251 लोग लाइक कर चुके हैं। कई यूजर्स इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा कर रहे हैं।