कोरबा जिले में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर दिखने लगा है। बुधवार सुबह से ही आसमान में काली घटा छाई हुई है और रिमझिम बारिश का दौर जारी है। सुबह से हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्कूली बच्चों, ऑफिस और दफ्तर जाने वाले लोगों को बारिश में भीगते हुए जाना पड़ा। कई लोगों को छाता और रेनकोट का सहारा लेना पड़ा। बारिश थमने के बाद ठंड के आगाज के संकेत भी मिलने लगे हैं।
इधर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से विकसित हो रही चक्रवाती परिस्थितियों का असर छत्तीसगढ़ पर पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होगी और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। 27 अक्टूबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश होगी। बारिश से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी और ठंड का असर कुछ दिन कम रहेगा।
मौसम को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पकने की अवस्था में पहुंची धान, दलहन और तिलहन की कटाई दो-तीन दिन टालने की सलाह दी गई है। कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था करने कहा गया है। तिवरा और अलसी की उतेरा बुवाई अभी रोकने और रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने की सलाह है।
लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों और फल लगे केले के पौधों को बांस से सहारा देने कहा गया है। रबी सब्जियों की बुवाई भी नवंबर में करने को कहा गया है। पशुपालकों को पशुओं को सूखे स्थान पर रखने, चारा-पानी की व्यवस्था करने और वज्रपात के दौरान पेड़ के नीचे न रहने की सलाह दी गई है।
उधर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मिनीमाता बांगो बांध के गेट खोले जा सकते हैं। जल संसाधन विभाग ने हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने, नहाने, मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से बचने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा
कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा
कोरबा में चक्रवात ‘अर्नब’’ का असर,सुबह से रिमझिम बारिश,काली घटा छाई, रेनकोट और छाता सहारा