ट्रेन में सफर के दौरान यात्री अक्सर खिड़की के बाहर का नजारा देखते हुए आराम से सफर करते हैं. लेकिन मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों का डिनर उस वक्त दहशत में बदल गया, जब अचानक बाहर से आया एक पत्थर खिड़की से टकराया और कांच के टुकड़े पूरे कोच में बिखर गए. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इंस्टाग्राम यूजर एस्थेट ट्रैवलर ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है. वीडियो में यात्री अपने दोस्तों के साथ ट्रेन में बैठे नजर आ रहे हैं. इसी दौरान बाहर से आया पत्थर चलती ट्रेन की खिड़की से टकराता है.
टक्कर इतनी तेज थी कि खिड़की का कांच टूट गया और उसके टुकड़े अंदर बैठे यात्रियों पर जा गिरे. वीडियो के मुताबिक, इस घटना में चार लोग घायल हुए.
इसके बाद वीडियो में यात्री खुद पूरी घटना के बारे में बताते हुए नजर आता है. वह कहता है कि वे नागपुर से मुंबई जा रहे थे और ट्रेन में बैठकर डिनर कर रहे थे. तभी अचानक पत्थर खिड़की से आकर टकराया.
वीडियो में दिखा हादसे के बाद का मंजर
वीडियो में ट्रेन के बाहर का हिस्सा भी दिखाया गया है. इसके बाद स्टेशन पर पुलिसकर्मी मौके की जांच करते नजर आते हैं.वीडियो शेयर करते हुए यात्री ने ट्रेन में पैसेंजर्स की सेफ्टी पर सवाल उठाया. उसने बताया कि उनके आसपास ऐसे परिवार भी बैठे थे, जिनके साथ छोटे बच्चे थे.
यात्री ने कहा कि वह इस बात से राहत महसूस कर रहा था कि पत्थर उनकी खिड़की से टकराया. उसके मुताबिक, अगर हालात थोड़े अलग होते तो इसका नतीजा ज्यादा गंभीर हो सकता था.
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वायरल वीडियो पर लोगों की बहस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चा शुरू हो गई. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त क्यों नहीं की जाती.वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए सबसे पहले उन लोगों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, जो जानबूझकर चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकते हैं. वहीं किसी ने कहा ये पहला मामला नहीं है, वंदे भारत ट्रेन के साथ भी लोग यही करते हैं.
एक यूजर ने सवाल किया कि ऐसी घटनाओं के लिए बार-बार सरकार को जिम्मेदार ठहराने के बजाय पत्थर फेंकने वाले लोगों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते.
एक अन्य यूजर ने कहा कि प्रशासन सुरक्षा और निगरानी बेहतर कर सकता है, लेकिन जानबूझकर पत्थर फेंकने वाले लोगों की मानसिकता बदलना भी बड़ी चुनौती है.
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