जागरण संवाददाता, जमुई। Jamui Minor Student Viral Video Case Timeline: जिले के मड़वा पहाड़ के समीप नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सरेराह हुई बर्बर छेड़खानी और उसका आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
19 सितंबर की शाम घटी इस वारदात के बाद से लेकर अब तक पुलिस कार्रवाई, एनकाउंटर और राजनीतिक बयानबाजी तक कई बड़े मोड़ आ चुके हैं। घटना के पहले दिन से लेकर कुंदर बराज पर हुई मुठभेड़ तक, सिलसिलेवार तरीके से जानिए इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ:
मड़वा पहाड़ पर मनचलों का दुस्साहस
19 सितंबर की शाम करीब सात बजे एक नाबालिग छात्र और छात्रा स्कूटी से जा रहे थे। मड़वा पहाड़ के पास 7-8 मनचलों ने उन्हें जबरन रोक लिया। प्रतापपुर निवासी ट्रैक्टर चालक नंदन यादव ने छात्रा के साथ घिनौना दुर्व्यवहार (बैड टच) किया। जब छात्र और छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपितों ने दोनों की बेरहमी से पिटाई की।
फुटेज में नंदन छात्रा को गोद में उठाकर अगवा करने की कोशिश करता भी नजर आया। मनचलों ने इस घिनौने कृत्य का मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
जमुई कांड: सिलसिलेवार घटनाक्रम (क्रोनोलॉजी)
-
19 सितंबर (वारदात की शाम): मड़वा पहाड़ के पास 7–8 मनचलों ने स्कूटी सवार नाबालिग छात्र-छात्रा को घेरा। मुख्य आरोपित नंदन यादव ने छात्रा के साथ घिनौना दुर्व्यवहार (बैड टच) किया और उसे जबरन उठाकर अगवा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर छात्र-छात्रा दोनों से मारपीट की गई।
21 सितंबर (वीडियो वायरल व जनआक्रोश): घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया। एबीवीपी ने आक्रोश मार्च निकाला। पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी को पकड़ा। तीन नाबालिगों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया।
21–22 सितंबर (सियासी घमासान): विधायक आईपी गुप्ता ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एसपी विश्वजीत दयाल को हटाने की मांग की और जदयू प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर तीखा हमला बोला। सीआईडी की कमजोर वर्ग विंग भी जांच में जुटी।
22 सितंबर (एनकाउंटर व गिरफ्तारी): कुंदर बराज के पास छिपे मुख्य आरोपित नंदन यादव ने पुलिस पर हमला किया। जवाबी फायरिंग में नंदन के पैर में गोली लगी और भागने के दौरान साथी हरेराम यादव का पैर टूटा। दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासनिक रुख: डीएम नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल अस्पताल पहुंचे। डीएम ने आम जनता से पीड़िता की गरिमा की रक्षा करने और वीडियो शेयर न करने की सख्त अपील की। अब तक छह आरोपित पकड़े गए हैं, जिसमें दो का इलाज चल रहा है।
वीडियो वायरल होते ही मचा भूचाल
वारदात के दो दिन बाद 21 सितंबर को जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ, तो व्यापक जनाक्रोश फूट पड़ा। छात्र संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने विरोध मार्च निकाला। पुलिस तुरंत हरकत में आई और वीडियो को सबसे पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने वाले मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही घटना में शामिल तीन अन्य नाबालिग आरोपितों को भी निरुद्ध किया गया।
राजनीतिक हलचल और प्रशासनिक जांच
मामला तूल पकड़ते ही बिहार की राजनीति गरमा गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी की कमजोर वर्ग विंग ने भी मामले की जांच अपने हाथ में ली।
कुंदर बराज पर एनकाउंटर, मुख्य आरोपित नंदन के पैर में लगी गोली
मंगलवार तड़के विशेष जांच दल (एसआईटी) को सूचना मिली कि मुख्य आरोपित नंदन यादव कुंदर बराज के पास छिपा है। पुलिस ने जब घेराबंदी की, तो नंदन ने पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में एक गोली सीधे नंदन के पैर में जा लगी। वहीं उसके साथ भाग रहे दूसरे आरोपित हरेराम यादव का पैर गड्ढे में गिरने से टूट गया।
सोशल मीडिया की हेकड़ी टूटी, अस्पताल में कड़ा पहरा
एनकाउंटर के बाद नंदन यादव का इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी चर्चा में आ गया, जिसमें वह छह दिन पहले ‘गोली ठोक के दिखा’ गाने पर रील बनाकर पुलिस को चुनौती दे रहा था। मुठभेड़ के बाद दोनों घायलों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी पुलिस बल तैनात है। मामले में अब तक कुल 5 आरोपित कानून के शिकंजे में आ चुके हैं, जबकि 2 अन्य फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
डीएम की अपील: पीड़िता की गरिमा का रखें ध्यान
घटना और मुठभेड़ के बाद अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी नवीन ने स्पष्ट किया कि पुलिस अपना काम पूरी गंभीरता से कर रही है। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि पीड़िता की पहचान और गरिमा की रक्षा करना समाज का दायित्व है, इसलिए इस वीडियो को इंटरनेट पर कतई साझा न करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।