थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने हाल ही में बताया है कि वो अपने पिता को इंटरनेशनल स्टार जेसन स्टैथम के साथ कास्ट करना चाहते हैं। फिर उन्होंने मजाक में कहा कि अगर लोग उनका जवाब सुनेंगे, तो वे उस पर मीम्स और मजाक बनाने लगेंगे।
‘बिहाइंडवुड्स टीवी’ के साथ बातचीत में, इंटरव्यू लेने वाले ने जेसन से एक ऐसी स्थिति की कल्पना करने को कहा जिसमें जेसन स्टैथम ‘सिग्मा’ देखते हैं, फिल्म से प्रभावित होते हैं और उनके साथ काम करना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह तमिल सिनेमा के किस एक्टर को साथ लेना चाहेंगे, तो जेसन ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, ‘मेरे डैड (विजय)। यह दोनों के बीच एक शानदार कोलैबोरेशन साबित होगा।’
पिता को साइन करना चाहते हैं जेसन संजय
फिर उन्होंने मजाक में कहा कि अगर लोग उनका जवाब सुनेंगे, तो वे उस पर मीम्स और मजाक बनाने लगेंगे। जब उनसे पूछा गया कि तमिल सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक का बेटा होने के बावजूद उन्होंने एक्टिंग के बजाय फिल्ममेकिंग को क्यों चुना, तो जेसन संजय ने कहा कि फिल्म सेट पर शुरुआती अनुभव ने उनकी दिलचस्पी को आकार देने में अहम भूमिका निभाई।
फिल्ममेकिंग करियर की पहली पसंद
उन्होंने कहा, ‘बचपन से ही मुझे फिल्म के सेट पर जाने का मौका मिलता रहा। यह मेरे लिए एक खास बात थी। मुझे अच्छा अनुभव मिला। मैं वहां सहज महसूस करने लगा। सेट पर जाना मेरे जीवन का एक सामान्य हिस्सा बन गया। तो, वहीं से मेरी दिलचस्पी जगी।’ हालांकि, जेसन ने बताया कि फिल्ममेकिंग हमेशा से उनकी करियर की पहली पसंद नहीं थी।
शुरू में पायलट और क्रिकेटर बनने की इच्छा
उन्होंने बताया, ‘शुरू में मैं पायलट बनना चाहता था। बीच में मेरी दिलचस्पी क्रिकेटर बनने में भी थी। 11वीं और 12वीं क्लास के दौरान मुझे सिनेमा में दिलचस्पी होने लगी। कॉलेज में मैं फिल्म-मेकिंग करना चाहता था।’ विजय के शानदार करियर के बावजूद, एक्टिंग की तरफ कभी आकर्षित न होने की वजह बताते हुए जेसन संजय ने कहा कि उन्हें हमेशा से कहानी कहने (स्टोरीटेलिंग) में दिलचस्पी रही है।
पढ़ाई के दौरान एजेंसियों में गए
जेसन ने उन अनुभवों के बारे में भी बात की जिनसे उन्हें कनाडा में पढ़ाई के दौरान एक फिल्ममेकर के तौर पर आत्मविश्वास मिला। उन्होंने कहा, ‘वहां पढ़ाई के दौरान, हमारे प्रोफेसर हमें ऐड एजेंसियों में भेजते थे, जहां हम स्टार्टअप कंपनियों के लिए विज्ञापन बनाने में मदद करते थे। हमने वहां अपनी स्किल्स की प्रैक्टिस की। इससे मुझे काफी आत्मविश्वास मिला।’
टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में वॉलेंटियर किया
जेसन संजय ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, ‘मैंने टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में कई बार वॉलेंटियर किया और मुझे हर तरह का काम देखने का मौका मिला। यह एक बहुत अच्छा अनुभव था। इसी तरह मैंने फिल्में देखना शुरू किया। इसी दौरान मैं निविन पॉली से भी मिला। वहां उनकी फिल्म ‘मूथोन’ दिखाई गई थी। यह एक शानदार अनुभव था।’