जागरण संवाददाता, पूर्णिया। शहर में हाई प्रोफाइल झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
यह वीडियो इसलिए खास हो गया है कि क्योंकि इसमें कसबा के लोजपा (आर) विधायक नितेश सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह, पूर्व महापौर पति प्रताप सिंह, वर्तमान महापौर के समर्थकों के साथ-साथ शहर कई बड़े जमीन ब्रोकरों की उपस्थिति उसमें दिख रही है।
वीडियो में गालियों की बौछार हो रही है। धक्का-मुक्का भी खूब चला है और गोली तक मार देने की बात तक हो रही है। वीडियो में सदर एसडीपीओ वन अभिनव पराशर सहित अन्य पुलिस अधिकारी की मौजूदगी भी दिख रही है।
एसडीपीओ लगातार विवाद को शांत कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। अंतत: पुलिस के बीच-बचाव के कारण ही एक बड़ी घटना टली है, यह वीडियो में साफ झलक रहा है।
जानकारी के अनुसार यह वीडियो बुधवार देर रात्रि की है। यह झड़प पूर्व महापौर के पति प्रताप सिंह के फोर्ड कंपनी स्थित विवाह भवन परिसर में हुआ है। इसमें विधायक नितेश सिंह एवं जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह एक पक्ष में दिख रहे हैं तो दूसरे पक्ष में पूर्व महापौर पति प्रताप सिंह, सहित कई लोग दिख रहे हैं।
धारा 106 एवं 135 के तहत नौ लोगों को नोटिस
यह हाई प्रोफाइल झड़प को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। सभी की नजर पुलिस व जिला प्रशासन के एक्शन पर टिकी हुई थी। इधर इस मामले में धारा 106 एवं 135 के तहत वायरल वीडियो में चिन्हित नौ लोगों को नोटिश भेजा गया है।
एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई आरंभ कर दी गई है। जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज सिंह उर्फ छोटू सिंह, प्रताप सिंह, मुन्ना सिंह, महेश सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ धारा 106 एवं 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है और केहाट थाना के प्रतिवेदन पर एसडीओ कोर्ट से नोटिश जारी किया गया है।
विवाद के जड़ में भू-विवाद की चर्चा
इस हाई प्रोफाइल झड़प के पीछे भू-विवाद रहने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि माधोपाड़ा मौजा की लगभग दो एकड़ 50 डिसमल जमीन एक पक्ष द्वारा एग्रीमेंट कराया गया था। इधर जमीन मालिक ने यह जमीन दूसरे पक्ष को रजिस्ट्री कर दी है।
इस चलते गत कई दिनों से दोनों पक्षों में तानातानी चल रही थी। बुधवार की रात इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और यह हाई प्रोफाइल झड़प हुआ। बताया जाता है की इस पूरे मामले में पूर्णिया निबंधन विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है।
बंगाल में जमीन बेचने वाले के रहते हो गई रजिस्ट्री
बताया जाता है की इस हाई प्रोफाइल विवाद की मुख्य वजह एक जमीन के निबंधन से जुड़ा है। इस पूरे मामले में पूर्णिया निबंधन कार्यालय की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जमीन की रजिस्ट्री ही इस विवाद की मुख्य वजह है।
एक पक्ष का कहना है की जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट उनके द्वारा कराया गया था, लेकिन जमीन की रजिस्ट्री जमीन मालिक द्वारा किसी और को कर दी गयी। जमीन रजिस्ट्री भी बिना निबंधन कार्यालय आए हो गई।
लोगों का कहना है की निबंधन कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जाच से यह खुलासा हो सकता है कि बिना जमीन मालिक के निबंधन कार्यालय आए जमीन का निबंधन कैसे हो गया।
यह घटना डराने-धमकाने और बदनाम करने की कोशिश है। गलत के आगे नहीं झुकेंगे। – नितेश कुमार सिंह, विधायक, कसबा
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