पूर्व IAS दिव्या मित्तल का वीडियो वायरल होते ही खुली प्रशासन की नींद (Photo Credit; ETV Bharat)
मिर्जापुर: पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल का वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. उन्होंने जिस लहुरियादह गांव में स्कूल न होने का जिक्र किया था. अब वहां एबीएसए और ग्राम प्रशासक पहुंच गया है और नापी कराते हुए स्कूल का काम भी शुरू करा दिया है.
पूर्व IAS दिव्या मित्तल का वीडियो वायरल होते ही खुली प्रशासन की नींद (Video Credit; ETV Bharat)
दरअसल, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाली आईएएस दिव्या मित्तल ने बीते मंगलवार को सक्रिय राजनीति में आने की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव का जिक्र करते हुए हुए बताया था कि, “मैं डीएम रहते हुए पानी पहुंचाने के लिए निरीक्षण कर रही थी, तभी एक औरत मेरे तरफ आने लगी, मुझे लग उसे कुछ चाहिए होगा पेंशन या पक्का मकान, लेकिन महिला आकर बोली कि मैडम आपसे कुछ मांगना है, उसने जो मांगा मेरा सर शर्म से झुक गया. उसने कहा कि मैडम मेरे गांव में स्कूल पांचवी कक्षा तक है. उसके बाद बच्चों की पढ़ाई जंगल और पहाड़ के बीच अंत हो जाता है.
मुझे आगे की कक्षा तक के लिए गांव में स्कूल चाहिए, उस वक्त तक महिला के घर में पानी नहीं था, लेकिन उसने स्कूल मांगा. मैंने नियम देखा स्कूल स्वीकृति किया, आज तीन साल हो जाने के बाद वह स्कूल बनना शुरू नहीं हुआ, अब मुझे बताइए क्या नहीं था, पैसा नहीं था, नियम नहीं था या स्वीकृति नहीं थी? केवल इरादा नहीं था, इरादा होता तो पहाड़ भी रास्ता दे देता, इरादा नहीं था इसलिए फाइल पहाड़ बन गई.”
वीडियो वायरल होते ही काम शुरू
इधर वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन में हड़का मच गया. बुधवार के दोपहर हलिया एबीएसए चंद्र प्रकाश यादव ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र गुप्ता को लेकर चिन्हित की गई जमीन पर पहुंच गए. जमीन की नापी कराते हुए स्कूल निर्माण के लिए जेसीबी से काम भी शुरू करा दिया.
गांव की महिला ने क्या कहा ?
वहीं, डीएम से गांव में स्कूल की मांग करने वाली महिला देवकली का कहना है कि अगर डीएम दिव्या मित्तल कुछ दिन और रहतीं, तो स्कूल पहले बन जाता. उसके बाद हम लोगों का आवास, शौचालय और अन्य व्यवस्था भी हो जाती. उनके जाने के बाद यहां कुछ नहीं हो रहा है.
ग्राम प्रशासक ने जताई खुशी
इस मामले में ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र गुप्ता ने जिला प्रशासन के इस पहल पर खुशी जताते हुए कहा कि लहुरियादह गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण हो जाने से खासकर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़वा मिलेगा. एबीएसए हलिया प्रकाश चंद्र यादव ने बताया कि लहुरियादह गांव में स्वीकृत उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए शासन से धन राशि आवंटित हो गई है. 25 लाख रुपए की लागत से उच्च प्राथमिक विद्यालय का निर्माण करवाया जाएगा.
बता दें कि मिर्जापुर जिला अधिकारी रहते हुए दिव्या मित्तल ने 2023 में लहुरियादह गांव में पानी के लिए निरीक्षण करने गई थी. उसी दौरान गांव की महिला देवकली ने बच्चों की शिक्षा के लिए गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय खोले जाने की मांग की थी.
ये भी पढ़ें- पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में दस्तक: “80 साल की आज़ादी और ‘बेआवाज़’ लोगों का हिसाब चाहिए !”