Home Viralफैक्ट चेक: स्वतंत्र भारद्वाज का ‘धमकी’ वाला ये वीडियो पुराना है, जेल से बाहर आने के बाद का नहीं – swatantra bhardwaj viral video social media jail jantar mantar protest cjp ntc amkr

फैक्ट चेक: स्वतंत्र भारद्वाज का ‘धमकी’ वाला ये वीडियो पुराना है, जेल से बाहर आने के बाद का नहीं – swatantra bhardwaj viral video social media jail jantar mantar protest cjp ntc amkr

by BollywoodNewsAndMovie


जंतर मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पिता से ‘मारपीट’ मामले के बाद चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

कुछ लोगों का दावा है कि ये वीडियो स्वतंत्र भारद्वाज के जेल से छूटने के तुरंत बाद का है, जिसमें वो लोगों को खुलेआम धमकी दे रहा है. इस वीडियो में स्वतंत्र के साथ एक और लड़का नजर आता है.

वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “भारतीय न्याय व्यवस्था एक बार फिर से फेल हो गई है.स्वतंत्र भारद्वाज बाहर आते ही फिर से शुरू हो गया है.”

कुछ न्यूज आउटलेट्स ने भी इसी दावे के साथ ये वीडियो शेयर कर दिया है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पुराना है. स्वतंत्र 17 सितंबर को जेल से बाहर आया था, जबकि ये वीडियो जून 2026 से ही इंटरनेट पर मौजूद है. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर इसका एक पुराना वर्जन मिला. एक यूट्यूब चैनल ने इसे 8 सितंबर को अपलोड किया था.

इतनी बात तो यहीं साफ हो गई कि ये वीडियो पुराना है. स्वतंत्र भारद्वाज को 15 सितंबर को अंतरिम जमानत मिली थी, और वो 17 सितंबर की रात को जेल से बाहर आ गया था. यानी ये भारद्वाज के जेल से बाहर आने के बाद का वीडियो नहीं है.

रिवर्स सर्च के जरिए इसके पुराने वर्जन ढूंढने पर हमें विभव कुमार नाम का एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला. विभव ने 26 जून को ये वीडियो पोस्ट किया था. प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि वायरल वीडियो में स्वतंत्र के साथ दिख रहा लड़का वही है. विभव के अकाउंट पर स्वतंत्र के साथ उसकी कई तस्वीरें और वीडियो मौजूद हैं.

स्वतंत्र भारद्वाज के पूरे मामले की शुरुआत जंतर मंतर हुए प्रदर्शन से हुई थी. इस प्रोटेस्ट में उसने कथित तौर पर निशु आजाद नाम की एक लड़की के पिता संजय आजाद से मारपीट की. उस वक्त स्वतंत्र पर सख्त धाराएं नहीं लगी थीं. लेकिन एक पॉडकास्ट में उसने खुलेआम दावा कि उसने लड़की के पिता का सिर फोड़ दिया था और अपने राजनीतिक संपर्कों के चलते वो गिरफ्तारी से बच निकला. इसके बाद काफी राजनीतिक बवाल हुआ और पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एफआईआर में एससी/एसटी अधिनियम और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं जोड़ दीं.

इस मामले में स्वतंत्र अंतरिम जमानत पर 17 सितंबर की रात को जेल से बाहर आ गया. बाहर आते ही स्वतंत्र भागकर गाड़ी में बैठा और बिना मीडिया से बात किए फौरन वहां से रवाना हो गया.

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