बेतिया के मझौलिया अंचल कार्यालय में पदस्थापित लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव को रिश्वत लेने के आरोप में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई है। वीडियो में लिपिक जमीन से जुड़े काम को कराने के बदले कथित तौर पर 10 हजार रुपये लेते नजर आ रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव एक व्यक्ति से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के ऑडियो में जमीन से जुड़े काम के लिए कथित तौर पर 10 हजार रुपये के लेन-देन की बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है।
बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत निलंबन
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम 9(1) के तहत कार्रवाई की है। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय गौनाहा प्रखंड निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें निर्धारित मुख्यालय में अपनी उपस्थिति बनाए रखनी होगी।
ट्रांसक्रिप्ट और जांच रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश
प्रशासन ने मामले की जांच प्रक्रिया भी तेज कर दी है। जिला प्रशासन ने मझौलिया के अंचल अधिकारी को वायरल वीडियो में हुई बातचीत का स्पष्ट लिखित विवरण यानी ट्रांसक्रिप्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अंचल अधिकारी को पूरे प्रकरण से संबंधित जांच रिपोर्ट तैयार कर बेतिया के अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपने को कहा गया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और रुपये के कथित लेन-देन से जुड़े पूरे मामले की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन वीडियो में दर्ज बातचीत और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।