बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हरियाणा से फल लेकर पहुंचे समाजसेवी सहज दुग्गल का अनुभव निराशाजनक रहा। एनजीओ के अध्यक्ष सहज दुग्गल ने बाढ़ प्रभावित इलाके में सेब, अमरूद, पपीता और अनार जैसे फल बांटने का इरादा किया था। लेकिन भीड़ ने फलों के डिब्बों पर टूटकर छीनाझपटी शुरू कर दी। वीडियो में साफ दिखता है कि लोग डिब्बों पर चढ़कर फल उठा रहे हैं और भाग रहे हैं। सहज दुग्गल इस स्थिति से काफी निराश नजर आए।
इंस्टाग्राम पर बयां किया दर्द
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @har_maidaanfatehsociety नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में सहज दुग्गल बिखरे हुए फलों के डिब्बों के बीच खड़े होकर लोगों से पूछते दिखते हैं- “तुम सब डिब्बे क्यों खराब कर रहे हो? क्या तुम्हें अपनी हरकतों से खुशी हो रही है?” वे युवा लड़कों और एक बुजुर्ग महिला से भी सवाल करते हैं जो फल लेकर जा रही थी। उनकी बेटियां भी उनके साथ थीं, जिन्हें भीड़ ने धक्का-मुक्की कर परेशान किया। सहज ने कहा, “मेरी बेटियां भी मेरे साथ हैं। जो सामान हमने उनके लिए खरीदा था, उसे छीनने की कोशिश में लोगों ने उन्हें बहुत धक्का दिया। इससे मैं बेहद निराश हूं।”
‘मैं इतनी दूर से सिर्फ आपके लिए आया हूं..’
इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए सहज ने कैप्शन में लिखा- “मैं इतनी दूर से सिर्फ आपके लिए आया हूं। आप मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो?” यह वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई। कई लोगों ने बाढ़ पीड़ितों की मजबूरी को समझते हुए भी व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए। कुछ ने कहा कि राहत सामग्री वितरण में पुलिस या प्रशासन की मौजूदगी जरूरी है ताकि ऐसी अफरातफरी न हो। कुछ यूजर्स ने सहज की भावनाओं से सहमति जताई और कहा कि दान देने वाले का मनोबल टूटना ठीक नहीं।
कुछ लोगों ने सहयोग भी किया
बाद में एक वीडियो में सहज दुग्गल ने स्पष्ट किया कि सभी लोग फल लेकर नहीं भागे थे। कुछ लोगों ने उनका और उनकी टीम का खुले दिल से स्वागत किया और स्थानीय लोगों से फल लेते समय मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को लेकर ऑनलाइन मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसी घटनाएं आपदा के समय वॉलंटियर्स को आगे आने से हतोत्साहित कर सकती हैं, जबकि अन्य ने भीड़ के व्यवहार की आलोचना की। कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस घटना में शामिल लोगों को राहत मिलती रहनी चाहिए।
एक यूजर ने कहा, “हर कोई आपकी दयालुता का हकदार नहीं होता।”
दूसरे ने लिखा कि, “एक बिहारी होने के नाते, यह देखकर बहुत दुख हुआ।”
तीसरे ने कहा कि, “सॉरी भाई, मैं इन सबकी तरफ से सॉरी बोलता हूं, मुझे सच में बहुत दुख है।”
एक और ने लिखा कि, “किसी राज्य का फैसला मुट्ठी भर लोग नहीं करते।”
गौरतलब है कि, इससे पहले नेपाल में आई प्रलयकारी बाढ़ के बाद के माहौल का वीडियो भी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें –