मछली खरीदने से पहले देख लें ये Video, ताजा दिखाने के लिए लगाया जा रहा सिंथेटिक रंग – katihar fish sellers synthetic colour viral video food adulteration lclar


बाजार में बिकने वाली मछलियों को ताजा और स्थानीय तालाब की मछली दिखाने के लिए कथित तौर पर सिंथेटिक रंग लगाए जाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा करीब 20 सेकेंड का एक वीडियो कटिहार शहर के पॉश इलाके मिर्चाईबाड़ी की मछली पट्टी का बताया जा रहा है. मिर्चाईबाड़ी की इस मछली पट्टी में रोज बड़ी संख्या में मछली विक्रेता अलग-अलग तरह की मछलियां बेचते हैं. ग्राहक यहां से मछली खरीदकर अपने घर ले जाते हैं. इसी बाजार का बताया जा रहा वीडियो अब चर्चा में है. 

वायरल वीडियो में एक महिला प्लास्टिक के डिब्बे में लाल और हल्दी जैसे रंग का घोल रखे दिखाई देती है. उसके हाथ में बड़ी मछली है और वह उसके ऊपर रंग का लेप करती नजर आती है. वीडियो बनाए जाने के दौरान महिला मछली पर रंग लगाती दिखाई दे रही है. वीडियो में वह बेफिक्र होकर हंसती हुई भी नजर आती है. वीडियो बनाने वाले के मुताबिक, महिला को इस बात का कोई खास संकोच नहीं था कि उसकी यह गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है.

वीडियो में वीडियो बनाने वाला दुकानदार से उसका नाम पूछता है. दुकानदार अपना नाम डब्लू बताता है. आरोप है कि दुकानदार ने मछली पर रंग लगाने की बात भी वीडियो में कही. दुकानदार यह कहते हुए भी दिखाई देता है कि सभी लोग रंग लगाकर मछली बेचते हैं. वीडियो में उसने अपना घर तेजाटोला, कटिहार बताया है.

पुरानी मछली को ताजा और लोकल दिखाने का आरोप

वीडियो बनाने वाले संतोष बजाज के मुताबिक, कुछ मछलियां पुरानी या बासी होती हैं या दुकानदार उन्हें दूसरे स्थानों से लाकर बेचते हैं. आरोप है कि ऐसी मछलियों पर रंग चढ़ाकर उन्हें देखने में ताजा और स्थानीय तालाब या पोखर की मछली जैसा दिखाने की कोशिश की जाती है. बताया गया है कि मछली को इस तरह तैयार करने का मकसद ग्राहकों को आकर्षित करना और उन्हें ताजा तथा स्थानीय मछली बताकर ऊंचे दाम में बेचना है.

आमतौर पर सब्जियों को रंगकर बेचने की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन मछली पर भी रंग चढ़ाए जाने का यह वीडियो लोगों के लिए हैरान करने वाला है. वीडियो सामने आने के बाद मछली खाने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है. वीडियो बनाने वाले संतोष बजाज ने बताया कि कुछ महीने पहले इसी तरह रंग की हुई हरी सब्जी झींगा यानी नेनुआ खाने के बाद उनके घर के कई लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए थे. उनके मुताबिक, कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था. इसी वजह से उन्होंने रंग लगाई जा रही मछली को देखकर वीडियो बनाया.

संतोष बजाज के मुताबिक, जब वह वीडियो बना रहे थे, तब दुकानदार ने वीडियो बनाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई. बल्कि दुकानदार ने खुद कहा कि उसका भी वीडियो बना लिया जाए. संतोष बजाज ने ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें चेतावनी दी जानी चाहिए कि आगे इस तरह की हरकत न करें. उनके मुताबिक, बाहर से लाई गई मछली को रंग करके उसे स्थानीय मछली कतली या भौरी बताकर बेचने का आरोप है.

मछली बाजार में ग्राहक संजीव ने भी इस तरह मछली पर रंग लगाकर बेचने को गलत बताया. उन्होंने कहा कि पहले सब्जियों में रंग लगाने की बातें सामने आती थीं, लेकिन अब मछली में भी ऐसा किया जा रहा है. संजीव ने प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस तरह की मछली खाने से कैंसर जैसी बीमारी होने की आशंका हो सकती है.

DM ने कहा, खाद्य पदार्थ में मिलावट कानूनी अपराध

वायरल वीडियो को लेकर कटिहार के DM आशुतोष द्विवेदी ने कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ में मिलावट करना कानूनी अपराध है. DM ने मामले की जांच के लिए खाद्य निरीक्षक को निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि जांच के बाद मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

वायरल वीडियो में मछली पर सिंथेटिक रंग लगाए जाने का दावा किया जा रहा है. मामले को लेकर प्रशासन ने जांच के निर्देश दे दिए हैं. अब खाद्य निरीक्षक की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मछली पर किस तरह का रंग लगाया जा रहा था और मामले में क्या कार्रवाई होती है. फिलहाल वायरल वीडियो ने बाजार में बिकने वाली मछलियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. जरूरत इस बात की है कि मामले की जांच पूरी हो और दोषी पाए जाने वालों पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए.

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