महीनों तक मेड ने नहीं ली सैलरी, मालकिन ने नए फोन संग दिए पूरे पैसे तो नम हुई आंखें, लोगों ने सोच का किया सलाम – maid collecting money for new phone moved to tears when lady employer gifted new phone with full money people kudos


Woman Shows Big Heart: एक महिला के घर में काम करने वाली मेड अपनी मालकिन से कई महीने से सैलरी नहीं ले रही थी। ऐसे में एक दिन जब मालकिन ने इसकी वजह पता लगाते हुए जब महिला को नया फोन गिफ्ट किया, तो उसकी आंखें भर आई। पूरे पैसे मिलने वाला लम्हा मेड के लिए और भावुक करने वाला था।

महिला ने नए फोन से अपनी मेड को सरप्राइज दिया
दूसरों के घरों में साफ-सफाई करने वाली मेड के लिए विकल्प हमेशा सीमित रहते हैं। या तो वो हर महीने मिलने वाले पैसे से अपना घर खर्च चला लें या फिर शौक पूरे कर लें। लेकिन शौक से बड़ी चीज जरूरत होती है। जिसके लिए हर इंसान जीता है। इंटरनेट पर वायरल वीडियो में एक महिला बताती है कि उसकी कामवाली उससे कई महीनों से पैसे नहीं ले रही है, क्योंकि उसे फोन लेना है। ऐसे में महिला सामने से उसे सरप्राइज देती है।

सैलरी क्यों नहीं ले रही!

इंस्टाग्राम पर एक्टिव हेमा सक्सेना के घर में काम करने वाली रुपा दीदी का मोबाइल बीते कई दिनों से टूटा होता है। नया फोन लेने के चक्कर में वो अपनी सैलरी इक्टठ्ठा करवा रही होती है। ऐसे में हेमा को जब यह पता चलता है, तो वह दुकान से जाकर उसके लिए नया फोन खरीदकर लाती है। फिर एक दिन जब रूप घर का काम कर रही होती है, तब वह उसे आवाज लगाकर बुलाती है और एक झोला दे देती है।

ये लो नया फोन

डिब्बे की अनबॉक्सिंग करने पर मेड को उसका नया फोन मिलता है। जिससे उसकी आंखें भर आती है। लेकिन हेमा फिर उसे और एक सरप्राइज देते हुए उसकी महीनों की बटोरी सैलरी एक लिफाफे में थमा देती है। यह उसके लिए और भावुक करने वाला लम्हा होता है। जिसके बाद वह रोना शुरू कर देती है। पहले वह पैसे लेने से मना कर रही होती है। मगर बार-बार कहने पर वह उसे रख लेती है।

फोन गिफ्ट है, पैसा हक है!

​ ​एक इंसानियत पसंद महिला की तरह हेमा अपनी कामवाली को बताती है कि ‘फोन उसे गिफ्ट दिया गया है और पैसा उसकी मेहनत की कमाई है। जो वो इस तरह नहीं रख सकती है।’ ऐसे में वह पैसा और फोन उसके हवाले कर देती है। इस बीच मेड रूपा के रिएक्शन के दोनों वीडियो इंटरनेट पर लाखों बार देखे जाते हैं और यूजर्स भी हेमा की सोच को सलाम करते हैं।

सोच को सलाम!

मालकिन होते हुए हेमा की इंसानियत इंटरनेट का दिल जीत लेती है। हर कोई उनके सोच को सलाम करने में लग जाता है। एक यूजर ने इस वीडियो पर कमेंट किया कि बहुत कम लोग ऐसे होते हैं। जो दूसरों की भावनाओं को समझते हैं। दूसरे यूजर ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि कभी आपकी जेब खाली ना हो। एक अन्य यूजर ने कहा कि आपके पास गोल्डन नहीं, डायमंड का दिल है।

लेखक के बारे मेंPrakhar Pandeyप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।और पढ़ें



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