भारतीय जनमानस के लिए रामायण केवल एक पौराणिक आख्यान नहीं, बल्कि चेतना में रचा-बसा जीवन-दर्शन है। रामायण के हर प्रसंग पर दर्शकों की भावनाएं बेहद संवेदनशील हो जाती हैं। यहां आस्था और कला के बीच की लकीर बहुत महीन है। अगर प्रस्तुतीकरण में जरा सा भी भटकाव हुआ तो दर्शक खारिज करने में देर नहीं लगाते (आदिपुरुष का उदाहरण हमारे पास है) और यदि मर्यादा का सम्मान करते हुए भव्यता गढ़ी गई, तो वह सिनेमाई इतिहास बन जाता है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी और रणबीर कपूर अभिनीत रामायण 5 नवंबर को सिनेमाघरों में आ रही है। फिल्म को लेकर चारों तरफ जबरदस्त बज है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भारत के युवाओं यानी ‘जेनरेशन जी’ (Gen-Z) का इस फिल्म को लेकर क्या रूख है? भारत में सिनेमाघर में फिल्म देखने वाला दर्शकों का सबसे बड़ा वर्ग 15 से 25 साल वाला है इसीलिए इसी वर्ग को ध्यान में रख कर ज्यादातर फिल्में बनाई जाती है। ‘रामायण’ जैसी बड़े बजट की फिल्म को तो हर आयु के दर्शक वर्ग का समर्थन चाहिए।
जेन-जी का नया जुनून: मार्वल यूनिवर्स से सनातन के महाकाव्य तक
अब तक माना जाता था कि जेन-जी केवल हॉलीवुड के सुपरहीरो यूनिवर्स मार्वल, डीसी या ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ जैसी फैंटेसी दुनिया की मुरीद है, लेकिन ‘रामायण’ ने इस धारणा को पूरी तरह उलट दिया है। इंस्टाग्राम रील्स, रेडिट थ्रेड्स, एक्स (ट्विटर) और डिस्कॉर्ड सर्वर पर जिस तरह का हाइप इस फिल्म के टीजर, बैकग्राउंड स्कोर और कैरेक्टर लुक्स को लेकर बना है, उसने ट्रेड पंडितों को भी हैरान कर दिया है।
आज का युवा अपनी सांस्कृतिक जड़ों को हीनभावना से नहीं, बल्कि गर्व और आधुनिक भव्यता के साथ देखना चाहता है। ऑस्कर विजेता वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी (DNEG) का विजुअल स्केल, हॉलीवुड स्तर की वर्ल्ड-बिल्डिंग और रणबीर कपूर (प्रभु राम) व साई पल्लवी (माता सीता) की संवेदनशील कास्टिंग ने युवाओं के बीच एक ऑर्गेनिक ‘कूल फैक्टर’ पैदा कर दिया है। कॉलेज कैम्पस से लेकर कॉर्पोरेट कैफे तक, इस बात की बहस छिड़ी है कि फिल्म में अयोध्या का वैभव और लंका दहन का दृश्य किस स्तर का होगा। टिकट खिड़की पर जेन-जी का यह अग्रिम जुड़ाव फिल्म के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
प्री-दिवाली रिलीज: मास्टरस्ट्रोक या बहुत बड़ा जुआ?
ट्रेड एनालिस्ट्स के पारंपरिक गणित के अनुसार, दिवाली से ठीक पहले वाले दिन सप्ताह बॉक्स ऑफिस के लिए सबसे कमजोर माना जाते हैं। लोग धनतेरस, खरीदारी, घर की सजावट और त्योहार की तैयारियों में इतने व्यस्त रहते हैं कि सिनेमाघर खाली नजर आते हैं। अमूमन बड़े निर्माता इस दौरान फिल्म उतारने से बचते हैं और दिवाली के अगले दिन ही फिल्म रिलीज करते हैं, मगर ‘रामायण’ के निर्माताओं ने 5 नवंबर की तारीख चुनकर सीधा दांव खेला है। देखना है कि यह दांव कितना सीधा पड़ता है।
पहले दिन और वीकेंड का गणित: क्या टूटेगा महा-रिकॉर्ड?
एडवांस बुकिंग की मौजूदा गति को देखते हुए ट्रेड विशेषज्ञ एकमत हैं कि फिल्म पहले दिन ऐतिहासिक ओपनिंग दर्ज कर सकती है।
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डे 1 (ओपनिंग डे): घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सभी भाषाओं (हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम) को मिलाकर नेट कलेक्शन 85 से 95 करोड़ रुपये के बीच जाने का अनुमान है। यदि हिंदी बेल्ट के सिंगल स्क्रीन्स पर स्पॉट बुकिंग ने रफ्तार पकड़ी, तो यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को भी छू सकता है। -
छुट्टियों से भरा पहला सप्ताह: 5 नवंबर की रिलीज से फिल्म को लंबा एक्सटेंडेड फेस्टिव वीकेंड मिल रहा है। अनुमान है कि घरेलू स्तर पर फिल्म पहले चार दिनों में 320 से 350 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 500 करोड़ रुपये के करीब पहुंच सकता है। पहले सप्ताह में नेट कलेक्शन 500 करोड़ रुपये तक भी जा सकता है।
प्रभु श्री राम के स्वरूप की कसौटी और मर्यादा
व्यावसायिक आंकड़ों से परे, दर्शकों के जेहन में सबसे बड़ा और संवेदनशील सवाल यह है कि क्या आधुनिक तकनीक के बीच प्रभु श्री राम के मूल मानवीय और दिव्य गुणों के साथ पूरा न्याय हो पाया है?
रामायण का मूल आधार श्रीराम का ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ स्वरूप है, उनका अगाध धैर्य, करुणा, मातृ-पितृ भक्ति और अधर्म के विरुद्ध असीम शौर्य। हाल के वर्षों में भारतीय दर्शकों ने अति-उत्साही वीएफएक्स और आधुनिक बोलचाल के नाम पर मूल चरित्रों के साथ हुई छेड़छाड़ को बेरहमी से नकारा है। इस बार सबकी नजरें निर्देशक नितेश तिवारी की संवेदनशीलता और रणबीर कपूर की अदाकारी पर हैं।
रणबीर कपूर की सबसे बड़ी परीक्षा यह होगी कि क्या वे भगवान राम के चेहरे की उस असीम शांति और आंखों के उस तेज को जीवंत कर पाते हैं, जो बिना चीखे-चिल्लाए भी एक सम्राट और अवतारी पुरुष की गरिमा को बयां करता है। यदि फिल्म तकनीक के शोर में मर्यादा के इस मर्म को बचाए रखने में सफल रही, तो यह न केवल बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचेगी, बल्कि सदियों तक याद रखी जाने वाली सिनेमाई धरोहर बन जाएगी।