मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर स्थित रांझी इलाके से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसने प्रशासनिक गलियारों और स्थानीय नागरिकों में हड़कंप मचा दिया. वायरल वीडियो में एक युवक खुद को पड़ोसी देश पाकिस्तान के कराची का निवासी बताता हुआ नजर आ रहा था. मामला सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण जबलपुर पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए तत्काल युवक को हिरासत में लिया और गहन पूछताछ शुरू की.
पुलिस जांच और भौतिक सत्यापन के बाद इस पूरे मामले का सच सामने आ गया है. पुलिस के मुताबिक, युवक के पाकिस्तानी होने का दावा पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है. वह उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है.
BSNL के रिटायर्ड इंजीनियर का बेटा है शिवम
मामले की पूरी जानकारी देते हुए रांझी क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सतीश साहू ने बताया कि रांझी इलाके में कुछ स्थानीय लोगों ने युवक को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखा था. जब लोगों ने उससे बातचीत की, तो उसने मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण खुद को कराची (पाकिस्तान) का रहने वाला बता दिया, जिसका वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया.
सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस ने युवक को तत्काल थाने लाकर पूछताछ की. पुलिस स्तर पर की गई तस्दीक और परिजनों से संपर्क के बाद युवक की असल पहचान शिवम पाठक के रूप में हुई, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के कासिमपुर थाना अंतर्गत गौसगंज का रहने वाला है.
पुलिस ने बताया कि शिवम के पिता उदयकांत पाठक भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में जूनियर इंजीनियर (JE) के पद से सेवानिवृत्त हैं.
घर से बार-बार भागने की बीमारी
जबलपुर पुलिस ने उत्तर प्रदेश में शिवम के परिजनों से संपर्क साधकर मामले की पुष्टि की. पुलिस ने उसके एक भाई से फोन पर बात की, जो सूचना मिलते ही अपने भाई शिवम को वापस ले जाने के लिए जबलपुर के लिए रवाना हो चुका है.
परिजनों ने पुलिस को बताया कि शिवम की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही है और वह बिना बताए अक्सर घर छोड़कर निकल जाता है. पिछले महीने भी वह इसी तरह बिना बताए घर से चला गया था, जिसे परिजन काफी मशक्कत के बाद राजस्थान से ढूंढकर वापस लाए थे.
भ्रामक और फर्जी अफवाहों पर न दें ध्यान
रांझी सीएसपी सतीश साहू ने स्पष्ट किया है कि युवक का पाकिस्तान या किसी भी देश विरोधी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच-परख के किसी भी संवेदनशील वीडियो को शेयर न करें और न ही अफवाहों पर भरोसा करें.
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