इस गेम को 27 साल के एक आईटी प्रोफेशनल ने बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि गेम बनाने वाला शख्स खुद को गेम डेवलपर नहीं बताता। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से इस गेम को तैयार किया। उसके दिमाग में गेम को लेकर जो भी आइडिया आए, उसने उन्हें इसमें शामिल करने की कोशिश की। यही वजह है कि गेम के अलग-अलग फीचर्स लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि आप ये गेम कैसे खेल सकते हैं।
आंदोलनकारी बने तो करना होगा ये काम
गेम शुरू करते ही आपको दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला आंदोलनकारी और दूसरा पुलिस। अगर आप आंदोलनकारी बनते हैं तो आपका मकसद लोगों का काफिला तैयार करना और उसे जंतर-मंतर तक पहुंचाना होता है। इस दौरान आपको पुलिस से बचकर आगे बढ़ना पड़ता है। गेम में जैसे-जैसे आपका काफिला बड़ा होता जाता है, आपके लिए आगे बढ़ना आसान हो सकता है। आप बैरिकेड्स तोड़ने और बाइक चलाने जैसे फीचर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन अगर आपका काफिला पर्याप्त बड़ा नहीं हो पाता तो पुलिस आपको हिरासत में ले सकती है। यानी गेम में जंतर-मंतर तक पहुंचना भी इतना आसान नहीं है।
पुलिस बने तो डंडे और टियर गैस का इस्तेमाल
इस गेम में सिर्फ आंदोलनकारी बनने का ही ऑप्शन नहीं है। आप पुलिस बनकर भी खेल सकते हैं। इस भूमिका में पुलिसकर्मी की तरह डंडे का इस्तेमाल करने और आंदोलनकारियों पर कार्रवाई करने के फीचर्स दिखाए गए हैं। गेम बनाने वाला शख्स अपने वीडियो में पुलिस की भूमिका निभाते हुए इन फीचर्स को भी दिखाता है। इसमें टियर गैस यानी आंसू गैस छोड़ने का विकल्प भी बताया गया है।
ब्राउजर पर खेल सकते हैं गेम
‘जंतर-मंतर चलो’ की एक और खास बात यह है कि इसे ब्राउजर पर खेला जा सकता है। गेम बनाने वाले शख्स के मुताबिक, यह मल्टीप्लेयर भी है। यानी इसमें एक से ज्यादा खिलाड़ी खेल सकते हैं। एआई की मदद से तैयार किया गया यह गेम अब इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके अनोखे कॉन्सेप्ट और आंदोलनकारी व पुलिस की भूमिका निभाने वाले फीचर्स की वजह से लोग इसे लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।