कनाडा में रह रही भारतीय महिला कनुप्रिया, जो इंस्टाग्राम पर @kanutalescanada हैंडल से सक्रिय हैं, ने हाल ही में एक वायरल वीडियो में विदेश में रहने के दौरान किए जाने वाले त्यागों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने साफ कहा कि लोग सिर्फ डॉलर और अच्छी कमाई देखते हैं, लेकिन उसके पीछे छिपी भावनात्मक और रोजमर्रा की कुर्बानियों को नजरअंदाज कर देते हैं। वीडियो पर ओवरले टेक्स्ट में लिखा था – “हर कोई डॉलर देखता है, त्याग कोई नहीं देखता।” कैप्शन में उन्होंने लिखा, “विदेश में रहने का वह पहलू जिसकी कोई गिनती नहीं करता।”
विदेश में रहने के लिए करने पड़ते हैं त्याग
कनुप्रिया ने वीडियो में कहा, “लोग कहते हैं विदेश में रहने वालों की जिंदगी बहुत अच्छी होती है और हम ढेर सारा पैसा कमाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं हम क्या-क्या त्याग करते हैं? जब हम दो-तीन साल बाद घर जाते हैं तो महसूस होता है कि मां-बाप थोड़े और बुजुर्ग हो गए हैं। परिवार के सारे फंक्शन हम वीडियो कॉल पर अटेंड करते हैं। और बीमार पड़ना? वो तो क्या होता है? जो भी हो, सारे काम खुद करने पड़ते हैं। कोई चाय पूछने तक नहीं आता। दवाइयां खुद लेनी पड़ती हैं, खाना खुद बनाना पड़ता है और कभी-कभी काम पर भी जाना पड़ता है। जब आप सब त्योहार मना रहे होते हैं, हम काम पर होते हैं। तो जब हमारे डॉलर गिनते हो तो ये सारे त्याग भी गिन लो न?” उन्होंने परिवार के माइलस्टोन मिस करने, त्योहारों से दूर रहने और बीमारी के समय अकेले पड़ने जैसी बातों पर जोर दिया। विदेश में रहने का मतलब सिर्फ ऊंची सैलरी नहीं, बल्कि घर-परिवार से दूर रहकर खुद को संभालना भी है। कोई मदद करने वाला नहीं होता, सब कुछ खुद मैनेज करना पड़ता है।
‘…भारत बेहतर है’
यह वीडियो उन कई भारतीयों से जुड़ा जिन्होंने या तो विदेश जाने का सपना देखा है या वहां रह रहे हैं। कनुप्रिया पहले भी कनाडा की हकीकत दिखाने वाले वीडियो डाल चुकी हैं – जैसे नौकरी के लिए लंबी कतारें, महंगी ग्रोसरी और रोजमर्रा की चुनौतियां। उनके पुराने वीडियो में वे कहते दिखी थीं कि जो लोग सोचते हैं कनाडा में ढेर सारी जॉब्स और पैसा है, उन्हें ये वीडियो दिखाओ। “यह कनाडा की सच्चाई है। अगर तैयार हो तो आओ, नहीं तो भारत बेहतर है।”
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई लोगों ने सहमति जताई कि डॉलर की चमक के पीछे अकेलापन, होमसिकनेस और परिवार से दूरी छिपी होती है। कुछ ने कहा कि ये त्याग भविष्य के लिए जरूरी हैं, जबकि कुछ ने जोर दिया कि हर किसी का अनुभव अलग होता है। कुछ यूजर्स ने अपनी कहानियां शेयर कीं। परिवार के शादी-ब्याह मिस करना, माता-पिता की उम्र बढ़ते देखना और बीमारी में अकेले रहना। कनुप्रिया का यह वीडियो उन हजारों भारतीयों की आवाज बन गया जो विदेश में रहकर बेहतर भविष्य बना रहे हैं लेकिन भावनात्मक कीमत भी चुका रहे हैं।
गौरतलब है कि, इससे पहले एक महिला ने दुबई में रहने के लिए करने वाले त्याग पर वीडियो शेयर किया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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