इवेंट के दौरान विद्युत जामवाल ने खास तौर पर कहा कि हॉलीवुड के सेट पर कड़े नियम होते हैं और यह अच्छी बात है। इसी इवेंट में विद्युत ने स्टेज पर 15 मिनट तक सांस रोकने और 20 मिनट तक पलकें नहीं झपकने का कारनामा भी किया। उन्होंने अपने किरदार धलसिम के बारे में भी बात की और मार्शल आर्ट्स के साथ अपने जुड़ाव पर भी।
‘पहली बार, मैंने एक सेट पर 300 लोगों को इतने अनुशासन का पालन करते देखा है।’, एक्टर
विद्युत जामवाल
हॉलीवुड के सेट पर पहली बार देखा इतना अनुशासन
जब विद्युत जामवाल से हॉलीवुड फिल्म में काम करने के अनुभव और बॉलीवुड के फिल्म सेट से इसके अंतर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘बहुत बड़ा अंतर है। मैंने अपने उन दोस्तों से सुना था जो एक्टर हैं और हॉलीवुड के बारे में जानते हैं कि वहां बजट बहुत ज्यादा होता है। लेकिन मैंने यहां अनुशासन देखा है। पहली बार, मैंने एक सेट पर 300 लोगों को इतने अनुशासन का पालन करते देखा है। वहां, कोई भी एक्टर चाहे वह 50 सेंट हों, जेसन मोमोआ हों या कोडी रोड्स हों, कभी देर से नहीं आते। उनमें देर से आने का कोई कॉन्सेप्ट ही नहीं है।’
‘अगर कोई एक मिनट भी देर से आता है, तो मेकर्स उन्हें फोन करके पूछते हैं कि क्या वे ठीक नहीं हैं।’
विद्युत जामवाल, एक्टर
‘टेक्नीशियन ओवरटाइम करने का इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि उनके साथ धोखा होगा।’
विद्युत जामवाल, एक्टर
एक मिनट की देरी पर भी मेकर्स करते हैं सवाल
एक्टर ने हॉलीवुड के कड़े नियमों की भी तारीफ की और कहा, ‘देर से आने जैसी कोई चीज नहीं होती। अगर कोई एक मिनट भी देर से आता है, तो मेकर्स उन्हें फोन करके पूछते हैं कि क्या वे ठीक नहीं हैं। यह एक बहुत बड़ा अंतर है। नियम बहुत कड़े हैं। अगर आप ओवरटाइम कर रहे हैं, तो हर टेक्नीशियन को हर मिनट के लिए एक्स्ट्रा पैसे मिलते हैं। टेक्नीशियन ओवरटाइम करने का इंतजार करते हैं क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि उनके साथ धोखा होगा। नियम बहुत अलग हैं। इसलिए जब आप कुछ दिग्गजों के साथ ऐसा अनुभव करते हैं, तो आपको एहसास होता है कि यह अलग है। उस स्तर तक पहुंचने में हमें समय लगेगा। हम नियमों और कानूनों का पालन कर रहे हैं लेकिन हम और बेहतर कर सकते हैं और ज्यादा कर सकते हैं।’
तीन साल की उम्र से कर रहे हैं कलारीपयट्टू की ट्रेनिंग
विद्युत ने फिल्म तक के अपने सफर के बारे में भी बात की और बताया कि मार्शल आर्ट्स के साथ उनके लंबे जुड़ाव ने उन्हें अपने किरदार से जुड़ने में मदद की। उन्होंने बताया कि वह तीन साल की उम्र से कलारीपयट्टू की ट्रेनिंग ले रहे हैं। एक्टर ने कहा कि उनकी सालों की ट्रेनिंग ने उन्हें यह महसूस कराया कि वह ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धलसिम का किरदार निभाने के लिए ही बने हैं।
मशहूर वीडियो गेम सीरीज पर आधारित है ‘स्ट्रीट फाइटर’
जापानी-अमेरिकी डायरेक्टर किताओ सकुराई के डायरेक्शन में बनी ‘स्ट्रीट फाइटर’ इसी नाम की मशहूर वीडियो गेम सीरीज पर आधारित है। फिल्म में नोआ सेंटिनियो केन मास्टर्स, एंड्रयू कोजी रयू और जेसन मोमोआ ब्लैंका के किरदार में नजर आएंगे। इनके साथ फिल्म में कैलिना लियांग, जो अनोई, डेविड डस्टमालचियन, कोडी रोड्स, एंड्रयू शुल्ज़, एरिक आंद्रे, ऑरविले पेक, ओलिवियर रिचटर्स, हिरोओकी गोटो, रेना वल्लंडिंघम, अलेक्जेंडर वोल्कानोव्स्की और कर्टिस ‘50 सेंट’ जैक्सन भी नजर आएंगे।
क्या है ‘स्ट्रीट फाइटर’ की कहानी?
फिल्म की आधिकारिक कहानी के मुताबिक, ‘1993 की बैकग्राउंड पर आधारित, एक-दूसरे से अलग हो चुके स्ट्रीट फाइटर्स रयू (एंड्रयू कोजी) और केन मास्टर्स (नोआ सेंटिनियो) को फिर से लड़ाई के मैदान में उतरना पड़ता है। रहस्यमयी चुन-ली (कैलिना लियांग) उन्हें अगले वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट के लिए भर्ती करती है। यह मुक्कों, किस्मत और गुस्से की एक ज़बरदस्त लड़ाई है। लेकिन इस लड़ाई के पीछे एक खतरनाक साजिश छिपी है, जो उन्हें एक-दूसरे और अपने अतीत के बुरे सायों का सामना करने पर मजबूर कर देती है। और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो गेम ओवर हो जाएगा!’
16 अक्टूबर को भारत में रिलीज होगी फिल्म
विद्युत जामवाल की हॉलीवुड डेब्यू फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ भारत में 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। अब देखना होगा कि हॉलीवुड के बड़े कलाकारों के साथ विद्युत जामवाल का एक्शन अवतार भारतीय दर्शकों को कितना पसंद आता है।