सत्‍यजीत रे को हॉलीवुड ने दिया था धोखा! Steven Spielberg ने चुराई थी स्‍क्र‍िप्‍ट? फिल्‍म को मिले 4 ऑस्‍कर – satyajit ray was betrayed by hollywood did steven spielberg steal his script and directed et the film won 4 oscars


सत्‍यजीत रे सिर्फ एक फिल्‍मकार नहीं थे। वह सिनेमा के जादूगर थे। वह ईमानदारी, करुणा और प्रेम के साथ समाज के कड़वे सच से सामना करवाते थे। यह किस्‍सा 1967 का है, जब हॉलीवुड ने उन्‍हें दगा दिया। स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग पर उनकी लिखी कहानी चुराने का आरोप लगा। जो फिल्‍म बनी उसने 4 ऑस्‍कर जीते।

सत्‍यजीत रे को हॉलीवुड ने दिया था धोखा! Steven Spielberg ने चुराई थी स्‍क्र‍िप्‍ट? फिल्‍म को मिले 4 ऑस्‍कर
सत्यजीत रे वो भारतीय फिल्‍मकार थे, जिनकी काबिलियत के आगे हॉलीवुड की दुनिया भी नतमस्‍तक थी। भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे महान और सबसे प्रभावशाली लेखक, निर्देशक, गीतकार, छायाकार, रे सबकुछ थे। एक बार जापानी फ‍िल्ममेकर अकीरा कुरोसावा ने सत्‍यजीत रे के लिए कहा था- ‘यदि किसी ने रे की फ‍िल्में नहीं देखी हैं, तो यह दुनिया में ऐसे रहने जैसा है, जैसे कभी चांद और सूरज देखा ही न हों।’ सत्यजीत रे की फिल्में यथार्थ की जमीन से गहराई से जुड़ी होती थीं। वे समाज को एक संरचना के रूप में देखते थे, मानवीय भावनाओं और प्रेरणाओं की सबसे जटिल परतों को पर्दे पर उजागर करते थे। उनकी कहानियां न केवल कालजयी हैं, बल्कि उनमें मुक्ति बोध है। फिर चाहे वह ‘पाथेर पांचाली’ हो, ‘अपराजितो’ हो, ‘महानगर’, ‘आगंतुक’, ‘चारुलता’ या उनकी सबसे अध‍िक पॉपुलर ‘अप्‍पू संसार।’ ये तमाम फिल्‍में समाज की सबसे तंग गलियों से गुजरते हुए पूरी ईमानदारी, करुणा और प्रेम के साथ हम दर्शकों का कड़वे सच से सामना करवाती हैं। गुरुवार, 23 अप्रैल को सिनेमा के इस जादूगर की पुण्यतिथि है।

आज हम सत्यजीत रे से जुड़ा 59 साल पुराना एक ऐसा किस्‍सा बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर शायद आपको आश्‍चर्य होगा। शायद बुरा लगेगा। शायद एक बार के लिए भरोसा भी ना हो। ऐसा इसलिए कि इस किस्‍से का एक सिरा स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग से जुड़ता है। आज के दौर में एक ऐसे फिल्‍ममेकर जिनकी काबिल‍ियत को दुनिया मानती है और कुछ हद तक पूजती भी है। दुनिया को ‘जुरासिक पार्क’ जैसी फिल्‍म फ्रेंचाइज देने वाले स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग के दामन पर यह किस्‍सा किसी दाग की तरह है, क्‍योंकि मामला ‘चुराई हुई कहानी’ का है।

सत्‍यजीत रे (2 मई 1921 – 23 अप्रैल 1992)

सत्यजीत रे का जन्‍म, विज्ञापन एजेंसी की नौकरी और Cannes

सत्यजीत रे का जन्‍म 2 मई 1921 को कोलकाता में हुआ था। 23 अप्रैल 1992 को 70 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। साल 1950 के दशक में वह एक ऐसे इंसान थे, जिसने विज्ञापन के क्षेत्र में एक कमर्शियल आर्टिस्ट के तौर पर काम किया। एक नए लेखक के उपन्यास के लिए चित्र बनाते समय कुछ लोगों ने उनके भीतर छिपी जबरदस्त हुनर को पहचाना और उसे एक फिल्म का रूप देने के लिए प्रेरित किया। उसने एक छोटी-सी शौकिया टीम जुटाई और सिर्फ वीकेंड्स पर शूटिंग शुरू की। फिल्म के लिए पैसे वह विज्ञापन एजेंसी में अपनी नौकरी से जुटाते थे। बिना किसी ठोस सहारे के, कई बार फिल्‍म की शूटिंग बीच में रुकी। आखिरकार 1955 में फिल्म का प्रीमियर कोलकाता के बसुश्री थिएटर में हुआ। 9वें कान फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्‍म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की। इसके बाद जो हुआ, वह इतिहास है। यह फिल्म है ‘पाथेर पांचाली’ और वो हुनरबाज थे सत्यजीत रे।

1967 का साल, सत्‍यजीत रे और ‘द एलियन’ की स्‍क्र‍िप्‍ट

यह सब बताना इसलिए जरूरी था कि आप समझ सकें कि सत्‍यजीत रे की शुरुआत कैसे हुई और क्‍यों दुनिया उनकी दीवानी बनी। खैर, अपनी कहानी पर लौटते हैं। यह बात है साल 1967 की। सत्‍यजीत रे ‘द एलियन’ नाम की एक फ‍िल्म के लिए स्क्रिप्ट लिखी। हॉलीवुड के बेहद मशहूर कोलंबिया पिक्चर्स से इसे बनाने के लिए बातचीत शुरू हुई। पीटर सेलर्स और मार्लन ब्रैंडो जैसे सबसे दिग्‍गज एक्‍टर्स को कास्‍ट करने की योजना बनी। लेकिन सत्‍यजीत रे को तब यह जानकर झटका लगा कि जिस स्क्रिप्ट को उन्होंने मिलकर लिखा था, उसका कॉपीराइट पहले ही किसी और ने ले लिया था।

सत्‍यजीत रे की फाइल फोटो

सत्‍यजीत रे को नहीं मिली फीस, निराश होकर लौट आए कोलकाता

जी हां, बात सिर्फ इतनी नहीं थी। फिल्‍म की कहानी लिखने के लिए सत्‍यजीत रे की जो फीस थी, वो भी हड़प ली गई थी। मार्लन ब्रैंडो ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया। हालांकि, उनकी जगह जेम्स कोबर्न को लाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक सत्‍यजीत रे का इस प्रोजेक्‍ट से मोहभंग हो गया था। वे हॉलीवुड की चालबाजियों से तंग आ चुके थे और कोलकाता लौट आए।

1982 में स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग ने रिलीज की E.T. the Extra-Terrestrial

साल 1970 और 1980 के दशक में कोलंबिया पिक्‍चर्स ने इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने में दिलचस्पी दिखाई, लेकिन कुछ भी नतीजा नहीं निकला। लेकिन जब 1982 में स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग की कल्‍ट फ‍िल्म ‘E.T. the Extra-Terrestrial’ रिलीज हुई तो सब दंग रह गए। इंडस्‍ट्री के कई लोगों को इस फ‍िल्म में सत्‍यजीत रे की पुरानी स्क्रिप्ट से समानताएं नजर आईं। सत्‍यजीत रे खुद यह मानते थे, ‘स्टीवन स्पीलबर्ग की यह फ‍िल्म मेरी स्क्रिप्ट द एलियन के बिना मुमकिन नहीं हो पाती, जिसकी माइमोग्राफ की हुई कॉपियां पूरे अमेरिका में उपलब्ध थीं।’

स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग

स्‍पीलबर्ग ने तब दी थी यह सफाई

बात निकली तो दूर तलक पहुंची। स्‍टीवन स्पीलबर्ग ने स्‍क्र‍िप्‍ट चोरी करने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्‍होंने सफाई देते हुए कहा, ‘जब यह स्क्रिप्ट हॉलीवुड में घूम रही थी, तब मैं हाई स्कूल में पढ़ने वाला एक बच्चा था।’

E.T. की अभूतपूर्व सफलता और अवॉर्ड्स

E.T. the Extra-Terrestrial को E.T. के नाम से भी जानते हैं। 1982 में रिलीज इस अमेरिकन साइंस फैंटेसी फिल्‍म को कल्‍ट माना जाता है। इसे अब तक बनी सबसे महान और सबसे प्रभावशाली फ‍िल्मों में से एक माना जाता है। इसे 55वें ऑस्‍कर अवॉर्ड्स में 9 नॉम‍िनेशन मिले थे। जबकि इसने ‘बेस्ट ओरिजिनल स्कोर’, ‘बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स’, ‘बेस्ट साउंड’ और ‘बेस्ट साउंड एडिटिंग’ के एकेडमी अवॉर्ड जीते। इसके अलावा 5 सैटर्न अवॉर्ड्स और 2 गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स भी जीते।

E.T. the Extra-Terrestrial

E.T. फिल्‍म की कहानी

आध‍िकारिक तौर पर स्टीवन स्पीलबर्ग ने इस फिल्‍म को प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था। कहानी के लेखक के तौर पर मेलिसा मैथिसन का नाम है। यह फ‍िल्म इलियट नाम के एक लड़के की कहानी बताती है, जो एक ऐसे एलियन से दोस्ती कर लेता है, जिसका नाम वह E.T. रखता है। यह एलियन पृथ्वी पर फंस जाता है। अपने दोस्तों और परिवार की मदद से इलियट अपने एलियन दोस्‍त E.T. को उसके घर वापस पहुंचाने का कोई रास्ता ढूंढ़ रहा होता है। फ‍िल्म में डी वैलेस, हेनरी थॉमस, पीटर कोयोट, रॉबर्ट मैकनॉटन और ड्रू बैरीमोर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।

E.T. the Extra-Terrestrial Movie

स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग ने बताया था कैसे तैयार हुई E.T. की स्‍क्रिप्‍ट

स्‍टीवन स्‍पीलबर्ग ने जो बताया उसके मुताबिक, 1980 में उनकी मुलाकात मेलिसा मैथिसन से हुई। उन्होंने अपने एक अधूरे प्रोजेक्ट ‘नाइट स्काइज’ से प्रेरित होकर एक नई कहानी तैयार की। दो महीने से भी कम समय में मैथिसन ने इस फ‍िल्म की स्क्रिप्ट का पहला ड्राफ्ट लिख डाला, जिसका टाइटल पहले ‘E.T. and Me’ रखा गया था। इस स्क्रिप्ट में बाद में दो बार और बदलाव किए गए। कोलंबिया पिक्चर्स ने इस प्रोजेक्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्हें इसमें कोई खास संभावना नजर नहीं आती। आख‍िरकार, यूनिवर्सल पिक्चर्स ने इस स्क्रिप्ट को उस दौर में 10 लाख डॉलर में खरीद लिया। सितंबर से दिसंबर 1981 के बीच यह फिल्‍म 1 करोड़ 5 लाख डॉलर के बजट में पूरी की गई।

लेखक के बारे मेंस्वपनल सोनलस्वपनल सोनल, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास 14 वर्षों का अनुभव है। वह एंटरटेनमेंट एडिटर के तौर पर सिनेमा और सितारों की दुनिया को कवर कर रहे हैं। उनकी विशेष रुचि मनोरंजन के बदलते स्‍वरूप यानी OTT पर वेब सीरीज, फ‍िल्‍म समीक्षा और बॉक्‍स ऑफिस के आंकड़ों में है। इसके अलावा, स्‍वपनल ने अपने करियर में राजनीति, समसामयिक घटनाओं, टेक्‍नोलॉजी और वायरल ट्रेंड्स जैसी बीट पर भी काम किया है। वह बीते 8 साल से NBT (Digital) के साथ जुड़े हुए हैं। उन्‍होंने जयपुर लिटरेचर फेस्‍टव‍िल और प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। वे भारतीय जनसंचार संस्‍थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्‍लोमा, और गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं। उन्‍होंने अंग्रेजी साहित्‍य में स्‍नातक की डिग्री ली है।और पढ़ें



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