हॉलीवुड और वैश्विक सिनेमा जगत के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में, दिग्गज हंगेरियन-अमेरिकी निर्देशक पीटर मेडाक का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। लॉस एंजिल्स में अंतिम सांस लेने वाले मेडाक अपने पीछे छह दशकों का एक समृद्ध और प्रभावशाली सिनेमाई करियर छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर सामने आते ही मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
पीटर मेडाक का नाम सिनेमा प्रेमियों के बीच उनकी बहुमुखी प्रतिभा और बेहतरीन निर्देशन के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने लंबे करियर के दौरान 27 से अधिक फीचर फिल्मों का निर्देशन किया और टेलीविजन की दुनिया में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके काम को न केवल दर्शकों ने सराहा, बल्कि समीक्षकों के बीच भी उन्हें काफी सम्मान मिला।
सिनेमाई सफर और यादगार फिल्में
पीटर मेडाक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी पहचान 1980 में आई उनकी सुपरनेचुरल थ्रिलर फिल्म ‘द चेंजेलिंग’ से मिली। यह फिल्म आज भी हॉरर जॉनर की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है, जिसने उस समय 8 जिनी अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे। इसके अलावा, 1990 में आई उनकी ब्रिटिश गैंगस्टर ड्रामा ‘द क्रेज’ ने उन्हें काफी ख्याति दिलाई, जिसके लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर का ‘इवनिंग स्टैंडर्ड अवॉर्ड’ मिला था।
उनके करियर की शुरुआत 1968 में फिल्म ‘नेगेटिव्स’ से हुई थी। उनकी 1972 की सटायर फिल्म ‘द रूलिंग क्लास’ को कांस फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित ‘पाम डी’ओर’ के लिए नामांकित किया गया था। इस फिल्म ने मुख्य अभिनेता पीटर ओ’टूल को ऑस्कर नामांकन दिलाने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी, जो मेडाक के निर्देशन कौशल का प्रमाण था।
टेलीविजन जगत में अमिट छाप
फिल्मी पर्दे के अलावा, पीटर मेडाक ने टेलीविजन के क्षेत्र में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने ‘ब्रेकिंग बैड’, ‘द वायर’, ‘हाउस’ और ‘होमीसाइड: लाइफ ऑन द स्ट्रीट’ जैसे दुनिया भर में लोकप्रिय और कल्ट टीवी शोज के कई एपिसोड्स का निर्देशन किया। उनके काम की रेंज इतनी व्यापक थी कि उन्होंने हर विधा में अपनी कुशलता साबित की।
मेडाक के निजी जीवन की बात करें तो वे अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में चार बच्चे—क्रिस्टोफर, जोशुआ, करेन और कॉर्नेला—तथा पांच पोते-पोतियां हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने पीटर सेलर्स पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘द घोस्ट ऑफ पीटर सेलर्स’ का निर्देशन किया था, जो उनके काम के प्रति उनके जुनून को दर्शाता है। उनके निधन के साथ ही सिनेमा के एक युग का अंत हो गया है, लेकिन उनकी फिल्में और टीवी शोज आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे।