‘5-स्टार होटल या जीरो बेसिक कर्टसी?’, वॉशरूम जाने से रोके जाने पर भड़की महिला; छिड़ी बहस – woman denied entry to washroom at 5 tar hotel viral video sparks outrage
दिल्ली की एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उसे फाइव स्टार होटल में वॉशरूम जाने से रोका गया। हालांकि बाद में उसने मामले में सफाई भी दी।
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
नई दिल्ली: दिल्ली की एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी आरोप लगाया है कि उसे एक फाइव स्टार होटल में वॉशरूम इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। महिला के मुताबिक, होटल स्टाफ ने उसे यह कहते हुए वॉशरूम जाने की परमिशन नहीं दी कि वह होटल की गेस्ट नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि इमरजेंसी में क्या होटल किसी व्यक्ति को वॉशरूम इस्तेमाल करने से मना कर सकता है।
जानकारी के मुताबिक, महिला ने खुद यह वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में X यूजर प्रज्ञा ने शेयर किया। वीडियो में महिला होटल के बाहर खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो के कैप्शन में लिखा था, ‘5-स्टार होटल या जीरो बेसिक कर्टसी?’ पोस्ट में सवाल उठाया गया कि अगर किसी व्यक्ति को अचानक वॉशरूम की जरूरत पड़ जाए, तो क्या सिर्फ होटल में ठहरे हुए गेस्ट न होने के आधार पर उसे सुविधा से वंचित किया जा सकता है?
महिला ने बाद में दी सफाई
वीडियो वायरल होने के बाद मामले में एक अहम जानकारी सामने आई। महिला ने स्पष्ट किया कि वह होटल में किसी अनजान व्यक्ति के तौर पर नहीं गई थी, बल्कि उसके पास होटल के क्लब के लिए पहले से बुक और भुगतान किया हुआ वैध टिकट था। यानी वह क्लब में जाने के लिए अधिकृत थी।
इस स्पष्टीकरण के बाद वायरल दावे को इसी संदर्भ में देखने की बात कही गई। हालांकि, इससे एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है कि अगर कोई व्यक्ति होटल में किसी क्लब या अन्य सुविधा का वैध टिकट लेकर पहुंचा हो और उसे अचानक वॉशरूम की जरूरत पड़ जाए, तो होटल की जिम्मेदारी क्या बनती है?
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
मामले ने सोशल मीडिया पर निजी संपत्ति के नियमों और बुनियादी मानवीय जरूरतों के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। कुछ लोगों का कहना है कि होटल अपने परिसर में सुविधाओं के इस्तेमाल को केवल ग्राहकों या अधिकृत लोगों तक सीमित कर सकते हैं। वहीं, दूसरे लोग आपात स्थिति में मानवीय आधार पर वॉशरूम जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की बात कह रहे हैं।
लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।
विशेषज्ञता
उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।
पत्रकारिता अनुभव
रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा ‘राशन चोरी’ का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।
शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें